गोरखपुर। कुशीनगर में वित्त एवं लेखाधिकारी के पद पर तैनात आलोक कुमार राय के 2.50 लाख रुपये हड़प लिए गए। आरोपी ने कूड़ाघाट में एक जमीन की फर्जी खतौनी दिखाकर 14.50 लाख रुपये में उसे बेचने के लिए तय किया था। उसने ढाई लाख रुपये एडवांस के तौर पर लिए थे। उसी बीच आलोक को इसकी जानकारी हो गई। रकम वापस मांगने पर आरोपी ने उनको जो चेक दिया, वह बाउंस हो गया। पुलिस ने तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी, कूटरचित दस्वातेज तैयार करने के आरोप में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
कैंट थाने में दर्ज केस के मुताबिक आलोक कुमार राय गोरखपुर में बीएसए दफ्तर और मदन मोहन मालवीय इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी में वित्त एवं लेखाधिकारी के पद पर रह चुके हैं। इसी दौरान उनकी मुलाकात झारखंडी के प्रकाश श्रीवास्तव नाम के शख्स से हुई थी। उन्होंने शहर में जमीन खरीदने की इच्छा जताई। प्रकाश ने एक जमीन का कागज दिखाया। 14.50 लाख में जमीन को खरीदना तय हुआ। आलोक ने 27 अक्टूबर 2017 को ढाई लाख रुपये बतौर एडवांस दे दिए। फिर उनको कहीं से फर्जीवाड़े की जानकारी हो गई। उन्होंने प्रकाश से संपर्क किया। प्रकाश ने रकम वापसी के लिए चेक दिया। चेक से भुगतान नहीं हो पाया। आलोक ने सीओ कैंट को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी। कैंट पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है।