जिले में सेंट्रल जेल बनाने की कवायद फिर शुरू हो गई है। डीआईजी जेल यादवेंद्र शुक्ला ने कारागार निदेशालय को प्रस्ताव तैयार कर भेज दिया है। हालांकि विकल्प के तौर पर देवरिया का भी नाम शामिल किया गया है।
गोरखपुर में 56 एकड़ में बने जेल में 884 कैदी रखने की ही क्षमता है। लेकिन करीब 1800 बंदी इस वक्त जेल में हैं। इसमें से 200 से ज्यादा सजायाफ्ता हैं। वाराणसी, नैनी की तर्ज पर गोरखपुर में भी केंद्रीय जेल बनाने का प्रस्ताव भेजा गया है। सपा सरकार में गोरखपुर में केंद्रीय कारागार की स्वीकृति मिली थी लेकिन जिला प्रशासन को जमीन ही नहीं मिली। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के पास ही इस समय जेल मंत्रालय है। इसीलिए यहां के लिए जेल का प्रस्ताव तैयार कर भेजा गया है। डीआईजी ने बताया कि इस इलाके में केंद्रीय जेल की बेहद जरूरत है।
80 से 100 एकड़ जमीन की जरूरत
केंद्रीय कारागार के लिए 80 से 100 एकड़ जमीन की आवश्यकता है। 80 एकड़ जमीन मिलने पर दो हजार तथा 100 एकड़ जमीन मिलने पर 3000 बंदियों को रखने के लिए जेल बनाई जाएगी।