सोनौली बार्डर पर अवैध वसूली के मामले में आरोपी बनाए गए पुलिसकर्मियों का दूसरे जोन में तबादला कर दिया गया। भ्रष्टाचार की शिकायत मिलने पर आईजी ने एक मार्च को कोतवाली थाने में पुलिसकर्मियों के साथ ही कस्टम के अधिकारियों पर केस दर्ज कराया था। मामले की विवेचन महराजगंज पुलिस करेगी।
भारत नेपाल मैत्री समाज के महामंत्री अनिल गुप्ता ने मधेसी आंदोलन के समय सितंबर 2015 से नवंबर 2015 तक नेपाल मेें सामान लेकर जाने वाली गाड़ियों की एंट्री दिलाने के नाम पर अवैध वसूली किए जाने की शिकायत की थी। जांच के बाद तत्कालीन डीआईजी ने आरोपी पुलिसकर्मियों को हटा दिया था।
पुलिसकर्मियों की दोबारा सोनौली में तैनाती होने के बाद अनिल गुप्ता ने आईजी को प्रार्थना पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। एक मार्च को आईजी एचआर शर्मा के निर्देश पर कोतवाली थाने में सोनौली सीओ, थाना प्रभारी, चौकी प्रभारी भरत यादव के अलावा सिपाही रामानुज यादव, रामप्रीत, हेम नारायण, रामप्रवेश यादव, उमेश और कस्टम के दो अफसरों पर भ्रष्टाचार का केस दर्ज कराया था।
इसके साथ ही आईजी ने पुलिसकर्मियों का तबादला जोन से बाहर करने के लिए शासन को पत्र लिखा था जिसे मंजूरी मिल गई है। कार्रवाई की जानकारी के बाद आरोपी बनाए गए पुलिसकर्मियों में हड़कंप मच गया है।