कपिल विहार कॉलोनी में दो पक्षों में चल रहा विवाद मंगलवार को महिला दिवस के दिन पुलिस के गले पड़ गया। दो लोगों को हिरासत में लेने पर पुलिस को मौके पर कारगिल शहीद की विधवा का विरोध झेलना पड़ा।
इस दौरान पुलिस टीम से धक्का-मुक्की हाथापाई के बीच एक होमगार्ड की वर्दी तक फट गई। बाद में थाने में एसओ से धक्का-मुक्की, हाथापाई के बीच शहीद की विधवा से अभद्रता-हाथापाई का मुद्दा तूल पकड़ गया। इस मुद्दे पर भाजपा दिनभर थाने में धरने पर बैठी रही और जमकर हंगामा-नारेबाजी संग प्रदर्शन हुआ।
दुपहर करीब साढ़े ग्यारह बजे से शुरू हुआ धरना शाम साढ़े चार बजे तक पुलिस के माफी मांगने, हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़े जाने और उचित जांच व कार्रवाई के आश्वासन पर ही खत्म हुआ।
वाकये के अनुसार बन्नादेवी इलाके की कपिल विहार कॉलोनी से एक महिला ने पुलिस को सूचना दी कि दो युवकों ने उसके साथ छेड़खानी की है। वह खुलेआम तमंचा लेकर घूम रहे हैं और उसके पति को मारने की धमकी दे रहे हैं।
इस सूचना पर थाने से पुलिस टीम मौके पर पहुंची तो एक युवक पुलिस को देख तमंचा लेकर भागा और घर में घुस गया। इस पर पुलिस वहां मौजूद कृष्णकांत व पिंटू को पकड़कर चलने लगी तो वहां महिलाएं विरोध में आ गईं। इन्होंने पुलिस टीम को घेरकर हंगामा किया और हाथापाई-धक्का-मुक्की कर दी। आरोप है कि होमगार्ड की वर्दी तक फट गई। मगर पुलिस किसी तरह दोनों को लेकर थाने आ गई।
इसी बीच पीछे से कृष्णकांत की बहन कारगिल शहीद की विधवा मंजू तोमर भी कुछ महिलाओं संग थाने पहुंच गईं और उन्होंने अपने भाई पर झूठे आरोप में कार्रवाई का आरोप लगाते हुए पुलिस के खिलाफ थाने के दरवाजे पर धरना शुरू कर दिया।
इसी बीच एसओ अनुज कुमार से बातचीत के दौरान मंजू देवी व अन्य महिलाओं ने धक्का-मुक्की व हाथापाई की तो बचाव में पुलिस ने भी महिलाओं को हाथापाई करते हुए धकिया दिया। बस इसी मामले में पुलिस पर मारपीट का आरोप लगाते हुए हंगामा खड़ा हो गया। खबर पर तमाम भाजपाई एकत्रित होकर थाने पहुंच गए। जहां उन्होंने महिला दिवस के दिन शहीद की विधवा से मारपीट को लेकर पुलिस के खिलाफ धरना शुरू करते हुए नारेबाजी शुरू कर दी।
भाजपाई मारपीट करने वाले पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की मांग कर रहे थे। खबर पर एसपी सिटी, सीओ द्वितीय सहित कई थानों का फोर्स भी पहुंच गया। बाद में अधिकारियों ने पूरा माजरा समझा और फिर भाजपाइयों की मांग के अनुसार पकड़े गए दोनों युवकों को छोड़ा गया। खुद एसपी सिटी ने पुलिस के व्यवहार के प्रति खेद जताया। तब जाकर भाजपाई शांत हुए। बाहर कार्यकर्ता नारेबाजी कर रहे थे और अंदर मेयर शकुंतला भारती, जिलाध्यक्ष चौ. नत्थी सिंह, महानगर अध्यक्ष विवेक सारस्वत आदि अधिकारियों से वार्ता कर रहे थे।