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लूट की दस घटनाओं का पर्दाफाश, तीन गिरफ्तार

Tue, 15 Nov 2016 01:53 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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पकड़े गए लुटेरे। - फोटो : Amar Ujala
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देवरिया में 13 लाख के लूट समेत दस घटनाओं का पर्दाफाश हो गया। तीन लुटेरों की गिरफ्तारी कर पुलिस ने उनके पास से 12 लाख 35 हजार नकदी, दो बाइक, आठ मोबाइल, देसी पिस्तौल, ड्राइविंग लाइसेंस सहित कई सामान बरामद किए हैं। एसएसपी ने पुलिस टीम को पांच हजार का पुरस्कार देने की घोषणा की। घटना की साजिश में शामिल मुनीम का सच सामने आने पर शराब कारोबारी जीतेंद्र सिंह पप्पू ने क्राइम ब्रांच की टीम को 21 हजार रुपये का नकद पुरस्कार दिया।
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सोमवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में कर एसएसपी रामलाल वर्मा ने बताया कि ग्रामीण इलाके में बदमाश लगातार वारदात कर रहे थे। बेलघाट में हुई लूटपाट में जेल से छूटे बदमाश के शामिल होने की सूचना पर क्राइम ब्रांच काम कर रही थी। सोमवार को क्राइम ब्रांच की सीआईयू टीम के प्रभारी अनिल उपाध्याय को बदमाशों के बारे में सूचना मिली। गगहा के इंस्पेक्टर रवींद्र कुमार पांडेय की टीम लेकर क्राइम ब्रांच बदमाशों की तलाश में जुट गई। क्षेत्र के जमीन लौहरपुर पुलिया के पास पुलिस ने दो बाइक सवार तीन युवकों को रोका। तलाशी में नकदी, असलहा, मोबाइल फोन बरामद होने पर पुलिस ने उन्हें  हिरासत में ले लिया।

पूछताछ में उनकी पहचान उरुवा के हेमचौरा निवासी राहुल यादव, इसी क्षेत्र के प्रतापीपुर निवासी मनीष यादव और बड़हलगंज के फरसाड़ निवासी राजेश कुमार यादव के रूप में हुई। राहुल का नाम आते ही टीम अन्य घटनाओं के पीड़ितों से संपर्क करने लगी, जिस पर अन्य घटनाओं का पर्दाफाश हुआ। लूट के मामले में राहुल कुछ माह पहले जमानत पर छूटा था। वह अपने नए साथी मनीष के साथ मिलकर लूटपाट कर रहा था। शराब पीने के दौरान देवरिया के मदनपुर में मुनीम राजेश से उनकी जान पहचान हुई। राहुल और मनीष ने राजेश से मिलकर शराब कारोबारी की नकदी लूटने की योजना बनाई। मुनीम ने की मुखबिरी शराब कारोबारी के मुनीम राजेश ने ही मुखबिरी की थी। 10 नवंबर को 12 लाख रुपये लेकर बैंक जा रहे मुनीम ने मुखबिरी करके बदमाशों को सूचना दी थी, फिर लूट होने के बाद मालिक को जानकारी दी। डेढ़ साल पहले मुनीम को नौकरी मिली थी। एक झटके में अमीर बनने ख्वाहिश में उसने मुखबिरी की थी।
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बड़े नोट लेकर भटक रहे थे लुटेरे नकदी लूटने के बाद उसे खपाने में परेशान थे। मगर सभी नोट 1000 और 500 के होने की वजह से वे नोट को नहीं खपा पाए और इसी बीच पुलिस के हत्थे चढ़ गए। प्रेमी के साथ भागने की थी तैयारी राहुल लूट की रकम उरुवा की रहने वाली अपनी प्रेमिका पर खर्च करता था। उसी के साथ वह भागकर शादी करके की तैयारी में भी था मगर उसके पहले ही पकड़ लिया गया।
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