पीएनबी रामगढ़ताल शाखा से एक शख्स के खाते से 1.50 लाख रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित ने किसी बैंककर्मी की संलिप्तता का आरोप लगाते हुए कहा कि पहले उसके खाते से शाखा के ही दूसरे खाताधारक के खाते में 74 हजार रुपये ट्रांसफर किए गए और उसी खाताधारक ने 15 नवंबर से 17 दिसंबर के बीच 14 बार में 76 हजार रुपये निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत के बाद बैंक प्रबंधन ने जांच शुरू कर दी है।
न्यू शिवपुरी कॉलोनी निवासी शैलेश कुमार उपाध्याय का पंजाब नेशनल बैंक की तारामंडल शाखा में खाता है। दिल्ली में रहने के दौरान उन्होंने इस शाखा में खाता खुलवाया था और वहीं का मोबाइल नंबर खाते से अटैच कराया था। गोरखपुर आने के बाद उन्होंने दिल्ली वाला मोबाइल नंबर बंद कर दिया। लिहाजा बैंक से ट्रांजेक्शन संबंधी जानकारी उनके फोन पर आनी बंद हो गई। संभवत: इसी का फायदा उठाकर जालसाज ने उनका खाता खाली कर दिया।
शैलेश ने आरोप लगाते हुए कहा कि बिना किसी बैंक कर्मचारी या अधिकारी के मिलीभगत के यह संभव नहीं है। बैंक मैनेजर से शिकायत कर उन्होंने मामले की जांच की मांग की। बैंक मैनेजर एके यादव ने बताया कि जिस खाते में रकम ट्रांसफर किया गया, उस खाते को फ्रीज कर दिया गया है। साथ ही मामले की पड़ताल शुरू कर दी गई है।
बैंक की कार्यप्रणाली में कई खामियां
शैलेश के मामले में बैंक की कार्यप्रणाली में कई खामियां सामने आ रही हैं। खाताधारक ने कभी चेकबुक इश्यू नहीं कराया, लेकिन उसके नाम से चेकबुक इश्यू कर दिया गया। बताया जा रहा है कि चेकबुक मानवेंद्र कुमार यादव नामक व्यक्ति को इश्यू किया गया है। इसी के आधार पर बैंक से न सिर्फ चेकबुक बल्कि विदड्राल फॉर्म के जरिए एक महीने में 14 बार खाते से रकम की निकाले गए। बैंक के कर्मचारी या अधिकारी ने इस संबंध में कभी पड़ताल भी नहीं की।