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नहीं हुई शिनाख्त, दफनाया गया बच्चे का शव

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घोषीपुरवा में लापता सगे भाइयों की नाले में तलाश कराती पुलिस।
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नहीं हुई शिनाख्त, दफनाया गया बच्चे का शव
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पादरीबाजार (गोरखपुर)। 72 घंटे बाद भी बच्चे के शव की शिनाख्त नहीं होने पर मंगलवार को पुलिस ने मुस्लिम समुदाय के लोगों की मौजूदगी में शव को दफना दिया। इस दौरान लापता भाइयों के परिवार वाले भी मौजूद रहे। लावारिस मिले किसी शव की शिनाख्त न होने पर पुलिस को 72 घंटे बाद उसका अंतिम संस्कार करना ही होता है। इस वजह से मंगलवार को पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही थी। इसी बीच पार्षद मोहम्मद अफरोज उर्फ गब्बर ने ताबीज के आधार पर शव को मुस्लिम समुदाय के बच्चे का होने का तर्क देकर दफनाने के लिए पुलिस से मांगा था। पहले दिन से ही बच्चे के शव को तौहीद का मान रही पुलिस ने भी दफनाने की अनुमति दे दी। पूरी प्रक्रिया की वीडियोग्राफी कराई गई है।
12 अक्तूबर को नाले की सफाई के दौरान एक बच्चे का शव मिला था। पुलिस ने अपने पास मौजूद फोटो में कपड़े के रंग के आधार पर बच्चे की पहचान लापता तौहीद के रूप में की और पिता आफताब को भी बुलाया। चूंकि आफताब के दो बेटे लापता थे और शव उनके ही घर के करीब नाले में पाया गया था इस वजह से पुलिस का शक और गहरा गया था। पिता आफताब ने भी ताबीज और कपड़े के आधार पर बेटे तौहीद के रूप में शव की शिनाख्त कर ली मगर फिर उन्होंने इंकार कर दिया। जिसके बाद पुलिस ने शव को लावारिस घोषित कर दिया था।
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दिनभर नाले में खोजा गया शव
मंगलवार को भी पुलिस की अलग-अलग टीमें नाले की जांच में जुटी थी। नाले में बांध बनाकर पानी भी निकाला गया। लेकिन पुलिस को देर शाम तक सफलता नहीं मिल सकी है। सीओ क्राइम प्रवीण सिंह ने बताया कि पुलिस नाले में आगे भी शव की तलाश करेगी।
पिता का नहीं लिया गया है नमूना
डीएनए जांच के लिए लावारिस मिले बच्चे के शव का नमूना तो सुरक्षित है लेकिन मिलान के लिए आफताब का नमूना अभी नहीं लिया जा सका है। एसपी सिटी ने बताया कि जल्द ही नमूना लेकर जांच के लिए भेजा जाएगा। कोशिश की जाएगी कि रिपोर्ट जल्दी आए।
27 सितंबर से लापता हैं दो भाई
घोषीपुरवा निवासी आफताब के दो बेटे तौहीद (8) और तौसीफ (6) 27 सितंबर से ही लापता हैं। दोनों घर से नमाज पढ़ने के लिए निकले थे और उसके बाद घर नहीं लौटे। पुलिस ने इस मामले में अपहरण का केस दर्ज किया है। शुरुआती जांच में पुलिस को भी यही आशंका था कि दोनों बच्चे नाले में गिर गए होंगे। उस दौरान काफी तलाश के बाद भी बच्चे नाले में नहीं मिले थे।
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72 घंटे पूरे होने पर शव को पुलिस ने दफनाया है। पार्षद और परिवार के लोगों ने ताबीज के आधार पर मुस्लिम समुदाय का होने का दावा करते हुए दफनाने की अनुमति मांगी थी। पुलिस की मौजूदगी में उन्हें शव सौंपा गया था। - डॉ. कौस्तुभ, एसपी सिटी
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