समाजवादी पार्टी में एलएलसी चुनाव के टिकट को लेकर मची उठापटक के बीच एक बार फिर जब जयप्रकाश यादव को पार्टी ने अपना उम्मीदवार बना दिया तो सीपी खेमे में हंगामा मच गया। मुख्यमंत्री ने उनको लखनऊ में मिलने के लिए रोका पर शुक्रवार की शाम तक मुलाकात नहीं हो पाई। जयप्रकाश लखनऊ से दवा और दुआ लेकर गोरखपुर आ गए और चुनाव की तैयारियों में जुट गए हैं। जबकि सीपी चंद अभी भी लखनऊ में हैं और सीएम के आशीर्वाद का इंतजार कर रहे हैं। उनका कहना है कि वह सीमए के निर्देश पर चुनाव लड़ रहे थे। वह क्या कहते हैं मिलने के बाद पता चलेगा।
जयप्रकाश यादव का टिकट बृहस्पतिवार को एक बार फिर फाइनल होने के बाद वहीं पर जमे सीपी चंद ने अपने सरपरस्तों के माध्यम से सीएम से संपर्क साधा। तब उनसे कहा गया कि वे रुकें और शुक्रवार को मुलाकात होगी। शाम तक मुलाकात नहीं हो पाई थी फिर भी वह इस आस में हैं कि मुख्यमंत्री ने कहा है तो मिलेंगे जरूर। वह तो उन्हीं के निर्देश पर चुनाव मैदान में थे। यदि उन्हें मना किया गया तो क्यों? इसका कारण जानने के लिए ही वह यहां हैं। एक बार फिर सीएम से रूबरू होने के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
दूसरी तरफ चंद समर्थकों में पार्टी के निर्णय से काफी नाराजगी है। सुबह से उनके आवास पर जिले भर से समर्थकों का जमावड़ा होने लगा। मौके पर मौजूद उनके छोटे भाई से कई समर्थकों ने कहा कि सपा ने उनके साथ नाइंसाफी की है। जब विपक्ष में थे तब चुनाव लड़ने को कहा गया। सत्ता के खिलाफ पूरी दमदारी से लड़े । जबकि पार्टी नेतृत्व के निर्देश का खुला उल्लंघन कर चुनाव लड़ने वाले जयप्रकाश यादव को टिकट दे दिया गया। इससे बड़ी विडंबना और क्या हो सकती है। सीपी चंद ने बताया कि फिलहाल वे अभी भी लखनऊ में हैं। मुख्यमंत्री से मिलने के बाद ही आगे की रणनीति तय होगी। अभी तो वही सपा के प्रत्याशी हैं। गोरखपुर आने के बाद समर्थकों , शुभचिंतकों से वार्ता के बाद निर्णय लेंगे। समर्थकों और कार्यकर्ताओं का दबाव हुआ तो वह चुनाव लड़ सकते हैं। शनिवार को तय हो जाएगा कि क्या करना है।