मार्च महीना करीब आने के साथ ही घरेलू गैस सिलिंडरों की किल्लत बढ़ने लगी हैं। सबसे ज्यादा परेशानी बीपी और एचपी कंपनी के उपभोक्ताओं की हो रही है। इन दोनों कंपनियों की आपूर्ति देहात इलाके में ज्यादा है। मांग बढ़ने और सिलिंडर की आवक न बढ़ाने पर किल्लत शुरू हो गई है। वहीं इंडियन ऑयल के सिलिंडर की आपूर्ति तो सामान्य है। मांग बढ़ने के साथ ही आपूर्ति नहीं बढ़ी तो परेशानी बढ़ना तय हैं।
जिले में रोजाना 20 से 22 ट्रक सिलिंडर की आपूर्ति होती है। ठंड में डिमांड बढ़ने के साथ ही इंडियन ऑयल के अफसरों ने पहले से ही तैयारी कर रखी थी, इससे थोड़ी राहत जरूर मिली थी। एजेंसी मालिकों की मानें तो एक उपभोक्ता के कोटे में 12 सिलिंडर सब्सिडी वाले होते हैं। उपभोक्ता इन्हीं सिलिंडरों को पाना चाहते हैं जिस वजह से जरूरत न होने पर भी सिलिंडर की बुकिंग करा रहे हैं। अपने खाते के सिलिंडर अपने करीबियों को दे रहे हैं। हालांकि यह उपभोक्ताओं का हक है। इस वजह से वह जानकर भी कुछ नहीं कर पा रहे हैं। अधिकारी अचानक किल्लत बढ़ने की वजह वह यही बता रहे हैं। वहीं इसकी दूसरी बड़ी वजह कालाबाजारी है।
मार्च से पहले सब्सिडी पाने की चाह में बुकिंग कराने वाले कई ऐसे भी उपभोक्ता है जो सिलिंडर लेते नहीं है और हॉकर उनकी डिलिवरी दिखा देता है। ऐसे में उपभोक्ता को सब्सिडी और हॉकर को सिलिंडर के ज्यादा दाम मिल जा रहे हैं। एरिया मैनेजर चेतन पटवारी ने कहा कि मार्च होने की वजह से बुकिंग बढ़ी है मगर सिलिंडरों की किल्लत नहीं होने दी जाएगी।