सूबे के मुख्य सचिव आलोक रंजन ने बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिये गोरखपुर मंडल में सूखे के लिए मिले मुआवजे के वितरण की समीक्षा की। इस दौरान वितरण में सुस्ती पर उन्होंने नाराजगी व्यक्त करते हुए 15 दिन के भीतर मुआवजे की पूरी रकम बांटने के निर्देश दिए।
उन्होंने दो टूक शब्दाें में कहा कि किसी भी दशा में किसानों को दिए जाने वाले मुआवजे की रकम वापस न हो। इसके लिए लेखपाल उनके बैंक खातों की जांच कर लें। कहीं कोई दिक्कत हो तो उसे दूर कर लिया जाए। उन्होंने एसडीएम को लेखपालों क ी निगरानी करने को कहा। साथ ही चेताया कि अगर किसानों को कोई समस्या होती है तो लेखपाल और एसडीएम दोनों ही जिम्मेदार होंगे।
बता दें कि पिछले साल पड़े सूखे से हुए नुकसान से किसानों को राहत दिलाने के लिए मंडल को करीब 2.47 अरब रुपये मिले हैं। इनमें देवरिया को सबसे ज्यादा 120.34 करोड़, जबकि गोरखपुर को 101.58 करोड़ और कुशीनगर को 27.88 करोड़ रुपये मिले हैं। यह रकम मिले करीब पखवारे भर का समय बीतने को है मगर मुआवजे के वितरण में अभी तेजी नहीं आ सकी है।
सूत्रों के मुताबिक वितरण में देवरिया सबसे फिसड्डी पाया गया, जबकि सबसे ज्यादा रकम वहीं के लिए जारी की गई है। यह स्थित तब है जब कमिश्नर पी. गुरुप्रसाद लगातार वितरण में तेजी लाने को लेकर दबाव बनाए हुए हैं। उन्होंने खुद करीब सप्ताह भर पहले सभी डीएम को फोन कर मुआवजा बांटने में तेजी लाने का निर्देश दिया था। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान प्रशासन की तरफ से कमिश्नर, डीएम ओएन सिंह के अलावा सभी एसडीएम मौजूद थे।