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छात्रसंघ चुनाव के लिए बनी 11 सदस्यीय कमेटी

Mon, 05 Sep 2016 01:05 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो/गोरखपुर।
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी
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छात्रसंघ चुनाव की तारीख तय करने के बाद गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने उसे संपन्न कराने की कवायद शुरू कर दी है। इतवार होने के बावजूद चुनाव के मद्देनजर परिसर के प्रशासनिक हलके में गहमागहमी बनी रही। कभी चुनाव की खातिर कमेटी बनाने के लिए तो कभी मतदाता सूची तैयार करने के लिए। छात्रसंघ चुनाव 16 सितंबर को प्रस्तावित है।
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चुनाव अधिकारी प्रो. संजय बैजल ने बताया कि चुनाव को सुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए 11 सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। इसमें यूनिवर्सिटी के विभिन्न विभागों के प्रोफसरों को शामिल किया गया है। कमेटी में दो महिला सदस्य भी हैं। सदस्यों की जिम्मेदारी तय करने के लिए सोमवार को दोपहर दो बजे बैठक बुलाई गई है। इसमें चुनाव को सकुशल संपन्न कराने की रणनीति तैयार की जाएगी। कमेटी में जिन प्रोफेसरों को शामिल किया गया है, उनमें प्रो. हिमांशु चतुर्वेदी (इतिहास), प्रो. संदीप कुमार दीक्षित (अर्थशास्त्र), प्रो. अजय कुमार शुक्ल (अंग्रेजी), प्रो. धनंजय कुमार (मनोविज्ञान), प्रो. गोपाल प्रसाद (राजनीति विज्ञान), प्रो. हिमांशु पांडेय (गणित),  प्रो. दिनेश यादव (बायो टेक्नालॉजी), प्रो. शिखा सिंह (अंग्रेजी), प्रो. सुधा यादव (रसायनशास्त्र), डॉ. अहमद नसीम (विधि), डॉ. एके दीक्षित (प्रौढ़ शिक्षा) शामिल हैं।

प्रो. बैजल ने बताया कि मतदाताओं की स्थिति के आकलन के लिए ईडीपी सेल से यूनिवर्सिटी में प्रवेशित विद्यार्थियों की सूची मांगी गई है। इनका आकलन करके मतदाता सूची तैयार करने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। उन्होंने बताया कि केवल वे ही विद्यार्थी वोट दे पाएंगे, जिनका नाम मतदाता सूची में होगा, जिनके पास यूनिवर्सिटी का परिचय पत्र होगा। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा है कि वे अभ्यर्थी जिन्होंने अभी तक अपना परिचय पत्र नहीं बनवाया है, वे जल्द से जल्द बनवा लें वरना वो वोट देने से वंचित रह जाएंगे।  प्रशासनिक मंजूरी का होता रहा इंतजार गोरखपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन ने शनिवार के दिन 16 सितंबर को छात्रसंघ चुनाव की तारीख घोषित कर दी और उस पर सहमति के लिए जिला प्रशासन और पुलिस विभाग को पत्र भेज दिया। उम्मीद थी कि पत्र जाते ही प्रशासनिक सहमति मिल जाएगी लेकिन इतवार के दिन ने इस उम्मीद पर पानी फेर दिया। हालांकि इसे लेकर जहां पूरे दिन यूनिवर्सिटी प्रशासन की उत्सुकता बनी रही, वहीं दूसरी ओर संभावित प्रत्याशी भी तरह-तरह की कयासबाजी करते नजर आए। चुनाव अधिकारी प्रो. संजय बैजल ने बताया कि इतवार होने से प्रशासनिक का सहमति पत्र नहीं आ सका है। जानकारी के मुताबिक तय तिथि पर चुनाव कराने में कोई प्रशासनिक दिक्कत नहीं है। फिलहाल यूनिवर्सिटी ने तय तिथि पर अपनी तैयारी जोरशोर से शुरू कर दी है।
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