कमिश्नर सभागार में बैठक करते कमिश्नर,डीएम व अन्य।
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एक बार फिर एसडीएम, तहसीलदार के तहसीलों और बीडीओ के ब्लाकों पर रात्रि निवास का आदेश जारी हुआ है। इस बार कमिश्नर अनिल कुमार ने इन अफसरों के तहसील-ब्लाक में ही रात गुजारने को लेकर सख्ती की है। शासन से लगायत डीएम तक की तरफ से, अब तक कई बार तहसीलों में ही एसडीएम और तहसीलदार के रात्रि निवास को लेकर निर्देश जारी हो चुके मगर अभी भी ज्यादातर एसडीएम, तहसीलदार रात होते ही जिला मुख्यालय पर स्थित अपने घरों को लौट आते हैं।
विकास कार्यों की मंडलीय समीक्षा बैठक के दौरान कमिश्नर ने सभी डीएम को निर्देश दिए कि वे यह सुनिश्चित करें कि ये अफसर तहसीलों और ब्लाकों में रात को ठहर रहे हैं या नहीं। वहीं समीक्षा के दौरा लोहिया ग्राम में पट्टा एवं कृषि भूमि के आवंटन में प्रगति न होने पर उन्होंने गोरखपुर के एडीएम (वित्त) से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। धान खरीद की समीक्षा के दौरान आरएफ सी ने बताया कि मण्डल में कुल 243 क्रय केन्द्र स्थापित है, मगर धान क्त्रस्य की स्थिति धीमी है। अगले 15 दिनों में धान सूखाने के बाद क्रय में तेजी आयेगी।
गन्ना मिलों की समीक्षा के दौरान उप निदेशक गन्ना ने बताया कि मण्डल की सभी मिलें इस बार 15 दिन पूर्व चालू हो रही है। ये मिलें नवम्बर के अन्तिम सप्ताह से दिसम्बर के प्रथम सप्ताह तक शुरू हो जायेगी। इसपर कमिश्नर ने कहा कि कौन सी मिल किस तिथि से चलेगी उसकी लिखित रिपोर्ट उपलब्ध करा दें।