गोरखपुर। पैगंबर हजरत मोहम्मद पर आपत्तिजनक टिप्पणी से नाराज मुस्लिम समाज के लोगाें ने शुक्रवार को नमाज के बाद प्रदर्शन किया। इसके बाद जुलूस की शक्ल में पहुंचकर डीएम को ज्ञापन सौंपा। राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन में टिप्पणी करने वाले को फांसी देने की मांग की गई।
शुक्रवार को जुमा की नमाज के बाद रेती रोड स्थित मदीना मस्जिद और उर्दू बाजार स्थित जामा मस्जिद के पास मुस्लिम समाज के लोग इकट्ठा हुए और पैगंबर पर अभद्र टिप्पणी करने वाले अखिल भारतीय हिंदू महासभा के अध्यक्ष कमलेश तिवारी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इससे वहां जाम लग गया। जानकारी मिलने के बाद पुलिस वहां पहुंची तो लेकिन जाम नहीं खुल सका। तकरीबन ढाई बजे जामा मस्जिद के इमाम अब्दुल जलील मजाहरी के पहुंचने के बाद नारेबाजी और बढ़ गई। उन्होंने कहा कि ऐसे बयान से देश का माहौल खराब होता है। ऐसे कृत्य करने वालों को फांसी दी जानी चाहिए ताकि अन्य कोई ऐसी गुस्ताखी न कर सके।
मदरसा दारुल उलूम हुसैनिया के प्रधानाचार्य नजरे आलम कादरी ने कहा कि हिंदू महासभा के अध्यक्ष ने रसूल की शान में गुस्ताखी भरा बयान देकर मुसलमानों को कल्बी तकलीफ पहुंचाई है। हम हुकूमत से मांग करते हैं कि सिर्फ उसकी गिरफ्तारी ही काफ ी नहीं है, बल्कि उसे कड़ी सजा दी जाए। गौसिया मस्जिद के इमाम मौलाना मो. अहमद ने भी लोगों को संबोधित किया। इसके बाद जामा मस्जिद के इमाम के नेतृत्व में काफिला रेती रोड, घोष कंपनी चौराहा, टाउन हाल, कचहरी चौराहा होते हुए डीएम दफ्तर पहुंचा। प्रदर्शन को देखते हुए वहां काफी संख्या में पुलिस तैनात कर दी गई थी। जामा मस्जिद के इमाम के नेतृत्व में प्रतिनिधियों ने राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री के नाम का ज्ञापन डीएम और एसएसपी को दिया। इस मौके पर शहर काजी वलीउल्लाह मुफ्ती, अख्तर हुसैन, अजहरी मन्नानी, नावेद आलम, मोहम्मद आजम, सपा जिलाध्यक्ष मोहसिन खान, जियाउल इस्लाम, आफताब अहमद समेत