गोरखपुर यूनिवर्सिटी से संबद्ध कॉलेज अपने आय-व्यय का ब्यौरा देने से कतरा रहे हैं। इसकी बानगी यह है कि यूनिवर्सिटी की ओर से जारी नोटिस के बावजूद 259 के मुकाबले महज 23 कॉलेजों ने अपनी ऑडिट बैलेंस सीट जमा की है। इससे खफा यूनिवर्सिटी प्रशासन ने कॉलेजों को सप्ताह भर में सीट को जमा करने का अल्टीमेटम जारी किया है। तय समय से ब्यौरा न देने वाले कॉलेजों को कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई है।
शिक्षकों के भुगतान को लेकर लगातार मिल रहीं शिकायतों के मद्देनजर प्रदेश शासन ने 30 मई 2013 को इस पर निगरानी के लिए शासनादेश जारी किया। इसमें यूनिवर्सिटी प्रशासन को निर्देशित किया गया कि वह संबद्ध सभी महाविद्यालयों की आडिट बैलेंस सीट का अद्यतन रिकार्ड रखे। साथ ही प्रबंधन समिति की स्थिति की निगरानी करे जिससे शिक्षकों के भुगतान को लेकर कॉलेज कोई गड़बड़ी न कर सकें।
इसी क्रम में यूनिवर्सिटी की ओर से सभी 259 कॉलेजों को पत्र भेज कर 2015-16 सत्र की बैलेंस सीट और प्रबंध समिति का रिकार्ड मांगा गया और नौ जुलाई तक का समय तय किया गया। यूनिवर्सिटी की तय तारीख खत्म हो गई लेकिन कॉलेजों ने इसे लेकर गंभीरता नहीं दिखाई। तय समय तक केवल 23 महाविद्यालयों ने ही अपनी बैलेंस सीट और प्रबधंन समिति की स्थिति से यूनिवर्सिटी को अवगत कराया। 236 कॉलेजों ने आदेश को अनदेखा कर दिया। इसे लेकर बरती जा रही लापरवाही को गंभीरता से लेते हुए यूनिवर्सिटी ने अब पत्र मिलने से एक सप्ताह की मियाद तय कर दी है।