सोमवार को जिले के स्वास्थ्य केंद्रों का हाल जानने निकले सीएमओ भी हकीकत देखकर चौंक गए। ओटी, लेबर रूम में गंदगी मिली तो डॉक्टर और कर्मचारी गैरहाजिर। यही नहीं एक एएनएम तो गंदगी में ही बैठकर गर्भवती का उपचार कर रही थी। डॉक्टर भी बाहर की दवा लिखते रंगे हाथ पकड़े गए। सीएमओ ने गैरहाजिर लोगों का वेतन रोकने का आदेश देते हुए स्पष्टीकरण तलब किया है।
सोमवार को सीएमओ सहजनवां सीएचसी पहुंचे। यहां पर ओटी और लेबर रूम की जांच की। गंदगी का अंबार देख उन्होंने केंद्र प्रभारी को फटकार लगाई। इसके बाद वह एडिशनल पीएचसी माल्हनपार पहुंचे। यहां पर एएनएम माया शाही, फार्मासिस्ट आरपी पांडेय व एलटी गैरहाजिर मिले। यहां पर भी लेबर रूम आदि में गंदगी मिली है। वहीं गंदगी में ही एक गर्भवती का उपचार एएनएम नीतू उपचार कर रही थी। नीतू का एक महीने का वेतन काटने के साथ ही सीएमओ ने स्पष्टीकरण मांगा है। यही पर आयुष चिकित्सक डॉ. साबरमती, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एसके तिवारी बाहर की दवा लिखते हुए मिले।
उरुवा सीएचसी में जांच के दौरान चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हरिशंकर, प्रेमचंद, प्रदीप श्रीवास्तव, दीपक, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. जेटी त्रिपाठी, संविदा नर्स सुमन कई दिनों से गैरहाजिर मिली। सबका वेतन रोकने का आदेश देते हुए स्पष्टीकरण मांगा गया है। वहीं इंसेफेलाइटिस ट्रिटमेंट सेंटर पर तैनात फार्मासिस्ट से उन्होंने सक्शन मशीन चलाने को कहा तो वह नहीं चलाया पाया। बाद में फार्मासिस्ट कृपाशंकर ने बताया कि मशीन ही खराब है। इस पर सीएमओ डॉ. रविंद्र कुमार ने चेतावनी दी है। सीएमओ के साथ डिप्टी सीएमओ डॉ. एनके पांडेय, शोध अधिकारी सुधांशु मौजूद रहे।