जिला अस्पताल का निरीक्षण करते स्वास्थ्य वन चिकित्सा राज्यमंत्री डॉ. शिव प्रताप यादव व अन्य।
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चिकित्सा स्वास्थ्य राज्यमंत्री डॉ. शिवकुमार यादव बृहस्पतिवार की सुबह अचानक जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंच गए। सीएमओ के साथ ही छह कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इमरजेंसी, बर्न वार्ड और महिला अस्पताल के मरीजों ने डॉक्टर पर दुर्व्यवहार करने की जानकारी देने के साथ ही समस्या से अवगत कराया। मंत्री ने अधिकारियों को व्यवस्था सुधारने, आरोपी डॉक्टर के खिलाफ जांच करने के साथ ही अनुपस्थित मिले कर्मचारियों का वेतन काटने का निर्देश दिया है।
बृहस्पतिवार को चिकित्सा स्वास्थ्य एवं जंतु उद्यान राज्यमंत्री डॉ. शिवप्रताप यादव का कुशीनगर में कार्यक्रम था। जाते समय सुबह 10 बजे वह अचानक जिला अस्पताल के ओपीडी में पहुंच गए। मरीजों का हालचाल लेने के बाद सीएमओ आफिस पहुंचे जहां छह कर्मचारी जलालुद्दीन, परशुराम, सेराज अहमद, प्रदीप कुमार श्रीवास्तव, मीना मणि त्रिपाठी और अख्तर हुसैन अनुपस्थित मिले। सभी से स्पष्टीकरण मांगने के साथ ही एक दिन का वेतन काटने का निर्देश उन्होंने अफसरों को दिया।
राज्यमंत्री के आने की सूचना मिलते ही आनन - फानन में सीएमओ अपने आफिस पहुंचे लेकिन मंत्री पहले से मौजूद थे। राज्यमंत्री जिला अस्पताल की इमरजेंसी पहुंचे। उन्होंने बर्न वार्ड, इमरजेंसी वार्ड, डेंगू वार्ड, इंसेफेलाइटिस वार्ड और महिला वार्ड का निरीक्षण किया। महिला वार्ड के बेड नंबर 13 पर भर्ती दुर्गावती के घरवालों ने डॉक्टर महेश चौधरी पर दुर्व्यवहार करने की शिकायत की।
राज्यमंत्री ने सीएमओ को डॉक्टर के खिलाफ नोटिस देने का निर्देश दिया। यहां से वे महिला अस्पताल पहुंचे। प्रवेश द्वार पर मिली नीता नाम की महिला ने डॉक्टर पर बाहर से दवा मंगाने की शिकायत की। इस मामले में उन्होंने एसआईसी को कार्रवाई करने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान सीएमओ डॉ. रवींद्र कुमार, जिला और महिला अस्पताल के एसआईसी मौजूद रहे।
अस्पताल को जल्द मिलेगा बेहोशी का डॉक्टर
जिला अस्पताल के एसआईसी डॉ. एचआर यादव अकेले बेहोशी के डॉक्टर है। प्रशासनिक कार्य देखने के कारण उन्हें काम करने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। राज्यमंत्री को उन्होंने मामले की जानकारी दी जिसके बाद जल्द ही उन्होंने मेडिकल कॉलेज में तैनात बेहोशी के डॉक्टर चंद्रदेव मौर्य को यहां तैनात कराने का आश्वासन दिया।
डेंगू से नहीं हुई कोई मौत
चिकित्सा स्वास्थ्य एवं जंतु उद्यान मंत्री डॉ. शिवप्रताप यादव ने पत्रकारों से बातचीत में कहा कि जिले में डेंगू से अब तक एक भी मौत नहीं हुई है। इस बयान पर वहां मौजूद लोग चौंक गए। उन्होंने कहा कि जिला अस्पताल में डेंगू के इलाज की समुचित व्यवस्था की गई है। अलग वार्ड बना है तो दवा की पर्याप्त मात्रा है। जिला अस्पताल में अब तक 176 मरीजों की डेंगू रिपोर्ट पॉजीटिव आ चुकी है।