दो दिवसीय दौरे पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 16 की दोपहर गोरखपुर आएंगे। नगर निगम परिसर में ही 23.45 करोड़ की लागत से निगम की नई इमारत की आधारशिला रखेंगे।
इसके अलावा मुख्यमंत्री 25 इलेक्ट्रानिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन समेत करीब 30 करोड़ की 10 परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। मुख्यमंत्री करीब इतनी ही लागत से रामगढ़ताल स्थित मुक्ताकाशी मंच समेत आठ परियोजनाओं का लोकार्पण भी करेंगे।
दूसरे दिन 17 नवंबर को मुख्यमंत्री पिपराइच चीनी मिल में नए पेराई सत्र का लोकार्पण करेंगे। उसी दिन शाम को मुख्यमंत्री वापस लखनऊ लौट जाएंगे। सीडीओ अनुज सिंह ने बताया कि अभी लोकार्पण और शिलान्यास की प्रस्तावित सूची तैयार की गई है। इसे अंतिम रूप नहीं दिया गया है। प्रस्तावित सूची में योजनाएं घट या बढ़ सकती हैं।
मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर तैयारियां जोरों पर हैं। कमिश्नर जयंत नार्लिकर, डीएम के. विजयेंद्र पांडियन, एसएसपी डॉ सुनील गुप्ता और सीडीओ अनुज सिंह समेत कई आला अधिकारियों ने नगर निगम के साथ ही पिपराइच चीनी मिल परिसर का भी निरीक्षण कर तैयारियां जांची।
उधर, नगर आयुक्त अंजनी सिंह ने अपने मातहतों को 15 नवंबर तक सभी अनुभागों की विशेष साफ-सफाई के साथ ही निगम के सभी कामों की रिपोर्ट तैयार करने और फाइलों को सही तरीके से रखने का निर्देश दिया है।
सात मंजिला होगी निगम की इमारत, दो साल में बनेगी
दो साल में नगर निगम का नया भवन बनकर तैयार हो जाएगा। शासन ने इस नई बिल्डिंग के लिए करीब 23.45 करोड़ रुपये का बजट भी मंजूर कर दिया है। कुल 90 हजार वर्ग फीट में बनने वाला भवन सात मंजिला होगा। इसमें तीन मंजिला अंडरग्राउंड पार्किंग होगी। लोअर बेसमेंट में पार्किंग बनाई जाएगी।
अपर बेसमेंट में 50 फ ीसदी पार्किंग और 50 फ ीसदी व्यवसायिक उपयोग किया जाएगा। ग्राउंड फ्लोर पर 50 फ ीसदी एरिया में निगम कार्यालय एवं 50 फ ीसदी एरिया व्यवसायिक गतिविधियों के लिए होगा। प्रथम तल पर 50 फ ीसदी निगम कार्यालय एवं व्यवसायिक और 50 फ ीसदी में सदन भवन का निर्माण कराया जाएगा।
सेकेंड फ्लोर पर 50 फीसदी हिस्से में निगम कार्यालय एवं 50 फ ीसदी में सदन भवन बनेगा। थर्ड फ्लोर का उपयोग नगर निगम के अन्य कार्य के लिए होगा।
छह साल पहले मिली थी नई इमारत के लिए मंजूरी
छह साल पहले 2013 में नगर निगम कार्यकारिणी एवं बोर्ड ने नई इमारत के लिए मंजूरी दी थी। करीब छह साल से मामला लंबित होने की वजह से मेयर सीताराम जायसवाल ने प्रमुख सचिव, नगर विकास मनोज सिंह के सामने इसे मामले को रखा, जिसपर उन्होंने सहमति दे दी थी। नगर निगम स्टोर की जमीन पर इसके निर्माण का निर्णय लिया गया है। नगर निगम की वर्तमान बिल्डिंग के ऐतिहासिक महत्व को देखते हुए उसे संरक्षण के लिए सुरक्षित कर लिया जाएगा।