मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के जिले के डीएम राजीव रौतेला, एडीएम, एसडीएम सदर और एसडीएम सहजनवां नीली बत्ती का मोह नहीं छोड़ पा रहे हैं। सोमवार को भी इन अफसरों की कार पर नीली बत्ती देखी गई।
पर्यटन विभाग के उप निदेशक की कार में भी नीली बत्ती लगी है। प्रतिबंधित श्रेणी में रखे गए परिवहन विभाग के तमाम अफसर नीली बत्ती, हूटर लगाकर घूम रहे हैं। तर्क दे रहे हैं कि नीली बत्ती हटाने के औपचारिक आदेश नहीं मिले हैं।
केंद्र सरकार ने देश में वीआईपी कल्चर (लाल, नीली बत्ती) खत्म कर दिया। यह व्यवस्था एक मई से लागू भी हो गई। इसके बावजूद जिले के अफसर वीआईपी कल्चर नहीं छोड़ पा रहे हैं। बताते चलें कि वीआईपी कल्चर खत्म किए जाने की पहल का यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने स्वागत किया था। साथ ही अपनी कार से लाल बत्ती हटवा दी थी।
कमिश्नर गोरखपुर मंडल ने भी कार से नीली बत्ती हटा दी लेकिन कलक्ट्रेट से संबंधित अफसर नीली बत्ती का मोह नहीं छोड़ सके। वह नियम-मानक को धता बताकर वीआईपी कल्चर में घूम रहे हैं। पूछने पर कह रहे हैं कि नीली बत्ती हटाने का आदेश अभी नहीं है। देवरिया ब्यूरो के मुताबिक सीडीओ राजेश त्यागी ने भी कार से नीली बत्ती नहीं उतारी है।