सीएम के हाथों सहायक उपकरण लेने पहुंचे दिव्यांग।
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गोरखपुर यूनिवर्सिटी का क्रीड़ांगन रविवार को कई लोगों के घर-आंगन में खुशियों की सौगात का साक्षी बना। दिव्यांगता का अभिशाप झेलते लोग प्रशासन के बुलावे पर सहायक उपकरण एवं कृत्रिम अंग वितरण समारोह में पहुंचे तो चेहरे आशा से चमक उठे। कोई पड़ोसी की गोद में पहुंचा तो किसी ने घिसटकर गेट से कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने की ठानी। कहीं कोई छात्र दौड़कर किसी दिव्यांग को सहारा देता दिखा तो कभी बुजुर्गों की टोली को पानी पिलाकर दुआएं बटोरती बेटियां मानव सेवा का पाठ पढ़ाती दिख जातीं। इन दृश्यों के बीच मानवीय संवेदना का जो इंद्रधनुष बना, वह हर मन पर अमिट छाप छोड़ गया। इस भीड़ में कई ऐसे भी थे, जो बोल नहीं सकते थे। लेकिन संवेदना के इस सतरंगी समारोह में शब्द गौण हो गए। कोई आंखों से तो किसी ने इशारों से जब अपनी खुशी का इजहार किया, तब शब्द सीमा पर उनके निशब्द अहसास भारी पड़ गए।
कार्यक्रम स्थल में पहुंचते ही अंजान रोशनी से आंखें चौंधिया गईं। ये सूरज की वे किरणें थीं, जो एक युवा के मोबाइल फोन से टकराकर सीधे आंखों पर पड़ रही थीं। एकबारगी लगा कि युवा सेल्फी ले रहा है, पर माजरा कुछ और था। अगले ही पल उसने मोबाइल फोन की पोजिशन बदली और सामने की स्क्रीन साथियों की टोली की ओर थी। चेहरे पर मुस्कान लिए इशारों ही इशारों में वह वीडियो कॉलिंग कर फोन पर दूसरी ओर मौजूद शख्स को साथियों से रूबरू करा रहा था। हर चेहरे पर खुशियों की चमक थी।
महज कुछ मिनट में ही इन इशारों की भाषा में खुशनुमा अहसासों की गूंज साफ सुनाई देने लगी। बिना किसी आवाज के ही युवाओं की ये टोली अपनी जिजीविषा को अनगिनत शब्द दे गई। तभी सीएम का हेलीकॉप्टर क्रीड़ांगन के ऊपर दिखा। भीड़ में हलचल हुई और युवाओं की ये टोली भी उसके साथ बढ़ चली। वैसाखी के सहारे मुश्किल से चलने वाले भी तेजी से उस ओर बढ़े। बाउंड्री के करीब जाकर भी सीएम की झलक न दिखी तो ये वापस कुर्सियों पर आ बैठे। सीएम योगी आदित्यनाथ ने जब 10 दिव्यांगों को मंच से कृत्रिम अंग व सहायक उपकरण भेंट करने लगे, तब न बोल पाने वाले भी अपने अहसास को तालियों से आवाज देने लगे।
सहारा मिला तो पनपे स्वावलंबन के स्वप्न
समारोह में हर ब्लॉक के स्टॉल लगाए गए थे। लाभार्थी अपने ब्लॉक के स्टॉल पर पहुंचकर जानकारियां ले रहे थे। इसमें सबसे पहला स्टॉल पूर्वांचल ग्रामीण बैंक ने लगाया था। यहां दिव्यांगों को रोजगार और व्यवसाय के लिए आसान दर पर लोन की जानकारी दी जा रही थी। इस स्टॉल पर सर्वाधिक भीड़ रही। बड़ी संख्या में दिव्यांगों ने यहां से फॉर्म और ब्रोशर लिए।