शहर की सफाई व्यवस्था में लापरवाही अब नहीं चल पाएगी। सुपरवाइजरों और ठेकेदारों पर लगाम लगाने की नीयत से नगर निगम ने शहर के सभी सुपरवाइजरों को बावर्दी करने का निर्णय लिया है। जल्द ही शहर के सभी सफाई कर्मचारी वर्दी में नजर आएंगे। नगर आयुक्त ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है।
शहर की सफाई व्यवस्था के लिए तकरीबन 2200 सफाई कर्मचारी हैं। इनमें से कुछ स्थायी हैं तो कुछ ठेके पर हैं। अक्सर इन सफाई कर्मचारियों के अनुपस्थित रहने की बात सामने आती रहती है। ऐसे में नगर आयुक्त के नए निर्णय के बाद शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार आने की संभावना बढ़ गई है। दरअसल सामान्य वेशभूषा की वजह से सफाई व्यवस्था में लगे हुए स्थायी या ठेके वाले सफाई कर्मचारियों की पहचान नहीं हो पाती है। ऐसे में निर्धारित संख्या की तुलना में काफी कम कर्मचारी ही सफाई करने आते हैं। नगर आयुक्त के निरीक्षण में कई बार यह गड़बड़ी पकड़ी गई। इसके बाद नगर आयुक्त ने ठेकेदार के रकम में कटौती की। नई व्यवस्था के बाद अब शहर में सफाई व्यवस्था में सुधार की संभावना जताई जा रही है।
शहर में सफाई करने वाले सभी सफाई कर्मचारी वर्दी से लैस होंगे। नगर निगम अपने सभी स्थायी कर्मचारियों को जल्द ही वर्दी मुहैया करा देगा। ठेके वाले सफाई कर्मचारियों को उनके ठेकेदार वर्दी मुहैया कराएंगे।
- राजेश कुमार त्यागी, नगर आयुक्त
अनुपस्थित रहने पर वेतन काटा
गोरखपुर। नगर आयुक्त राजेश कुमार त्यागी को वार्ड 42 में निरीक्षण के दौरान चार सफाई कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इसके बाद उन्होंने चार सफाई कर्मचारियों का वेतन काटने का निर्देश दिया। उन्होंने बताया कि अगर ऐसी लापरवाही फिर से नजर आती है तो ठेकेदार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।