स्वच्छ कैंपस में एमपी पीजी कॉलेज को देश में 39 वां स्थान
गोरखपुर। महाराणा प्रताप स्नातकोत्तर महाविद्यालय जंगल धूसड़ को बड़ी उपलब्धि हासिल हुई है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय (एमएचआरडी) की ओर से कराए गए सर्वेक्षण ‘स्वच्छ कैंपस- 2019’ में 39 वां स्थान हासिल हुआ है। इस सर्वेक्षण में देशभर के सभी उच्च शिक्षण संस्थानों से आवेदन मांगा गया था। कुल 6000 संस्थानों ने भाग लिया जिनमें मानक के अनुरूप सिर्फ 69 संस्थान ही पाए गए। चयनित होने वाले महाविद्यालय को यूजीसी के नैक मूल्यांकन से लेकर अन्य प्रोजेक्ट में फायदा होगा।
पिछले दो वर्षों से मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने जुलाई में स्वच्छता के प्रति जागरूकता को लेकर सर्वेक्षण शुरू किया है। इसमें स्वच्छता, पर्यावरण, हरियाली, कूड़ा प्रबंधन के अलावा जागरूकता के प्रयास आदि बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी जाती है।
देश भर से आए 6000 विश्वविद्यालय और महाविद्यालयों के आवेदन में 300 को छांटा गया। इन सभी संस्थानों में तीन-तीन प्रोफेसरों की गठित टीम को भेजकर भौतिक सत्यापन कराया। संस्थानों ने जिन बिंदुओं को अपने आवेदन में शामिल किया था उसे टीम ने बड़ी गहनता से जांचा और परखा। इसके बाद टीम ने अपनी रिपोर्ट ऑनलाइन भेजी थी।
महाविद्यालय में सितंबर में आई थी टीम
गोरखपुर। मानव संसाधन विकास मंत्रालय की टीम सिंतबर 2019 में एमपी पीजी कॉलेज जंगल धूसड़ में आई थी। टीम ने परिसर में सफाई, सालिड वेस्ट मैनेजमेंट, हरियाली, सामाजिक सरोकार आदि बिंदुओं पर पड़ताल की और रिपोर्ट भेजी।
एक नजर में एमपी पीजी
विद्यार्थियों की संख्या : 2163, विभाग : 65
परिसर में हरियाली : 30 प्रतिशत, पेड़-पौधे : 2500, गोद लिए गांव : 28, लाभान्वित परिवार : 5500
महाविद्यालय में एक भी सफाईकर्मी नहीं है। इसके बाद भी देश में 39 वां स्थान हासिल हुआ है। यह महाविद्यालय की कार्य संस्कृति, शिक्षक और विद्यार्थियों के स्वैच्छिक श्रमदान का परिणाम है।
डॉ प्रदीप राव, प्राचार्य