आपने तैयारी कर ली है तो दो महीने के भीतर जमीन-मकान या दुकानों की रजिस्ट्री करा लें वर्ना इन संपत्तियों के लिए प्रस्तावित बजट से अधिक रकम खर्च करनी पड़ सकती है। दरअसल, नए सर्किल रेट को लेकर तैयारियां शुरू कर दी गई हैं। सभी सब रजिस्ट्रार को निर्देश जारी किए जा रहे हैं कि वे संबंधित तहसीलों का सर्वे कर प्रस्ताव भेजें। इसके लिए विशेष प्रारूप तैयार किया गया है। सब रजिस्ट्रार यह देखेंगे कि साल भर के भीतर कौन से इलाके तेजी से विकसित हो रहे हैं।
एआईजी स्टांप रामशंकर सिंह के मुताबिक इसी सप्ताह सर्वे का काम शुरू हो जाएगा। पखवारे भर के भीतर सभी तहसीलों के रजिस्ट्री दफ्तरों को सर्वे रिपोर्ट समेत प्रस्ताव मुख्यालय को उपलब्ध कराना होगा। इसके बाद आपत्तियां मांगी जाएगी और फिर उनका निस्तारण किया जाएगा। नए सर्किल रेट पर डीएम की मुहर लगने के बाद एक अगस्त से इसे लागू कर दिया जाएगा।
गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन, कालेसर-जंगल कौड़िया बाईपास समेत जहां-जहां नई सड़कें बनाई जा रही हैं, उन इलाकों की जमीन के दाम में ठीक-ठाक वृद्धि होने के आसार हैं। नए सर्किल रेट में सिर्फ जमीन के दाम बढ़ेंगे ही नहीं, कुछ इलाकों की जमीन के दाम घट भी सकते हैं। दरअसल, मौजूदा सर्किल रेट में कई जगहों की जमीन के दाम में अधिक वृद्धि कर दी गई तो कहीं पर कम।
नए सर्किल रेट में इनमें सुधार किया जाएगा। जहां जरूरत से ज्यादा रेट हैं, उसे कम किया जाएगा तो जहां कम हैं उसे सर्वे के मुताबिक बढ़ाया जाएगा। सड़क किनारे की जमीन के दाम एक बार फिर बढ़ाने की तैयारी है तो व्यवसायिक संपत्तियों के दाम में भी वृद्धि हो सकती है।