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बच्चों की मौतों का बाल आयोग ने मांगा ब्योरा

Wed, 19 Oct 2016 01:36 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।
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अस्पताल में भर्ती इंसेफेलाइटिस पीड़ित मासूम। - फोटो : Amar Ujala
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राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग ने इंसेफेलाइटिस से हो रही मौतों का ब्योरा मांग लिया है। आयोग की ओर से डीएम को आए पत्र में इस बीमारी से मरने वाले कम से कम 15 बच्चों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जनवरी से अब तक मरने वालों बच्चों की विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट ही प्रशासन के लिए गले ही हड्डी बन गया है। चूंकि अभी तक इस बीमारी से मौत पर पोस्टमार्टम नहीं होता है, ऐसे में इसकी रिपोर्ट भेजना प्रशासन के लिए मुसीबत बन गया है।
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बाल आयोग का पत्र आने के बाद डीएम ने एडीएम, सीएमओ से पूरी रिपोर्ट मांगी है और मौतों की जांच करने का भी आदेश दिया है। मेडिकल कॉलेज में रोजाना ही मासूम इंसेफेलाइटिस से दम तोड़ रहे हैं। इसे लेकर शासन तक रिपोर्टिंग की जा रही है। अब तक अकेले मेडिकल कॉलेज में ही 1467 मरीज आ चुके हैं, जिसमें से 371 मरीजों की मौत हो चुकी है। बाल अधिकार आयोग ने इन मौतों की जांच को कहा है। उनका कहना है कि कम से कम 15 बच्चों की पोस्टमार्टम रिपोर्ट भेजी जाए। मौतों की असल वजह क्या हैं, इसकी पड़ताल की जाए। पीड़ित बच्चे को बीमारी होने के बाद कहां-कहां उसका उपचार हुआ और वहां उसे किस तरह की सुविधा दी गई, सबकी विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। 

मामले में मेडिकल कॉलेज के प्रिंसिपल और सीएमओ से रिपोर्ट मांगी गई है। पोस्टमार्टम के मसले पर क्या कार्रवाई होगी, यह दोनों की रिपोर्ट आने के बाद ही तय होगा।
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- रजनीश चंद्र, एडीएम सिटी इंसेफेलाइटिस से चार की मौत मेडिकल कॉलेज में 24 घंटे के भीतर इंसेफेलाइटिस से पीड़ित चार और मरीजों ने दम तोड़ दिया। जनवरी से अब तक बीमारी से 371 मरीजों की मौत हो चुकी है। इसके अलावा 14 नए मरीजों को भर्ती कराया गया है। मेडिकल कॉलेज में इंसेफेलाइटिस के मरीजों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। इसके रोकथाम के लिए किए जा रहे सभी प्रयास नाकाफी साबित हो रहे हैं। वर्तमान में मेडिकल कॉलेज में 90 मरीज भर्ती हैं। स्वास्थ्य केंद्र से लेकर मेडिकल कॉलेज तक मुकम्मल उपचार की व्यवस्था की गई है। बावजूद इसके स्वास्थ्य केंद्रों पर मरीज नहीं जा रहे हैं।

मरीज सीधे जिला अस्पताल की ओर रुख कर रहे हैं, जिस वजह से मेडिकल कॉलेज में मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। पिछले 24 घंटे में गोरखपुर चरगावां की माधुरी (14), महराजगंज, पनियरा की बुलबुल (2.5), परतावल के नवीउल्ला (65), संतकबीरनगर, नाथनगर के शिवम (5) की मौत हो गई। वहीं गोरखपुर के चार, कुशीनगर के चार, देवरिया के तीन, संतकबीरनगर और बस्ती के एक-एक को भर्ती कराया गया है। मेडिकल कॉलेज में जनवरी से अब तक इंसेफेलाइटिस के 1436 मरीज आ चुके हैं।
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