बदहाल वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर यात्रा कर लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण बेहद परेशान हो गए। उनकी कार का अगला हिस्सा तक क्षतिग्रस्त हो गया। किसी तरह गोरखपुर पहुंचे प्रमुख सचिव ने नेशनल हाइवे अथारिटी ऑफ इंडिया (एनएचएआई) के अफसरों के साथ बैठक में भी दर्द साझा किया।
उन्होंने सार्वजनिक रूप से कहा कि ऐसा लगा जैसे चंद्रयान से पहले चांद पर जा रहा हूं। अब तक जो तस्वीरें हम देख पाएं हैं उनमें चांद की सतह बेहद उबड़-खाबड़ है। वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन की यात्रा दुरूह थी। उन्होंने सड़क निर्माण में लापरवाही पर कड़ी नाराजगी तो जताई ही मातहतों को फटकार भी लगाई। उन्होंने सितंबर तक हर हाल में सड़क की मरम्मत कराने का निर्देश दिया है।
लोक निर्माण विभाग के प्रमुख सचिव नितिन रमेश गोकर्ण गुरुवार को वाराणसी में थे। वहां से वह शाम को अपनी कार से गोरखपुर रवाना हुए। बड़हलगंज से नौसड़ की ही दूरी तय करने में उन्हें घंटों लग गए। इस दौरान उनकी कार का बंफर भी क्षतिग्रस्त हो गया। इसी सिलसिले में उन्होंने शुक्रवार को सर्किट हाउस में समीक्षा बैठक की। इसमें एनएचएआई के अफसर-ठेकेदार को भी बुलाया गया था।
सूत्रों के अनुसार वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन की दशा देख प्रमुख सचिव के तेवर काफी तल्ख थे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बड़हलगंज से गोरखपुर तक की सड़क बहुत खराब है। फोरलेन का निर्माण जल्द पूरा कराया जाए। अगर ऐसा नहीं हुआ तो जिम्मेदारी तय कर कार्रवाई की जाएगी। यह सड़क मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट में है। इसमें किसी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अक्टूबर तक बनाना था, पर 28 फीसदी ही काम हुआ
गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन का शिलान्यास केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 2016 में किया था। यूपी में जब भाजपा की सरकार बनी तो अप्रैल 2017 से निर्माण कार्य शुरू हुआ। फोरलेन का निर्माण अक्तूबर 2019 तक पूरा होना है लेकिन काम की गति बेहद खराब है। 60 किलोमीटर लंबी इस सड़क का अभी 28 फीसदी काम ही पूरा हो सका है। यह काम एनएचएआई का गोरखपुर डिवीजन करा रहा है।
गोरखपुर से गाजीपुर तक 131 किलोमीटर सड़क का निर्माण गोरखपुर डिवीजन को कराना है। इसकी लागत 1870 करोड़ है। एनएचएआई के मैनेजर योगेश तिलक ने बताया कि सड़क की खराब हालत पर प्रमुख सचिव ने नाराजगी जताई है। उन्होंने गोरखपुर से बड़हलगंज की सड़क ज्यादा खराब बताई है। इसकी मरम्मत जल्द कराई जाएगी। सड़क के निर्माण में भी तेजी लाई जाएगी। इसके लिए ठेकेदार को चेताया गया है।
लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता एसपी सिंह ने बतया कि प्रमुख सचिव गोरखपुर-वाराणसी फोरलेन से होकर आए हैं। जो अनुभव हुआ उसे उन्होंने एनएचआई के अफसरों से साझा किया। नाराजगी भी जताई।
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