सूचना न देने पर जुर्माना वसूलना सरकार की जिम्मेदारी: उस्मानी
मुख्य सूचना आयुक्त ने माना कि लापरवाह अफसरों पर कार्रवाई संतोषजनक नहीं
आरटीआई से शासन प्रशासन के काम में आई पारदर्शिता, बढ़ रही जवाबदेही
अमर उजाला ब्यूरो
गोरखपुर। मंडल के जन सूचना अधिकारियों को सूचना के अधिकार कानून की बारीकि यां बताने मुख्य राज्य सूचना आयुक्त जावेद उस्मानी बुधवार को गोरखपुर पहुंचे। उन्होंने स्वीकार किया कि सूचना नहीं देने वाले लापरवाह अफसरों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पा रही है। कार्यशाला के बाद सर्किट हाउस में आयोजित पत्रकार वार्ता के दौरान उन्होंने कहा कि सूचना न देने पर संबंधित जन सूचना अधिकारी से जुर्माना वसूलने की जिम्मेदारी आयोग की नहीं बल्कि सरकार की है। मगर यह सच है कि राज्य सूचना आयुक्तों की ओर से जुर्माना लगाने के बाद भी ज्यादातर जन सूचना अधिकारी जुर्माना नहीं जमा करते।
सूचना के अधिकार कानून की खूबियां गिनाते हुए आयुक्त ने कहा कि यह एक क्र ांतिकारी अधिनियम है। इससे शासन-प्रशासन और जनता के बीच शक्ति संतुलन स्थापित हो रहा है। पहले कोई यह सोच नहीं सकता था कि वह अफसर से किसी मामले में जवाब मांग सकता है। मगर इस कानून ने इसे सच करके दिखाया है। इससे शासन-प्रशासन के कामों में पारदर्शिता तो आ ही रही है, जवाबदेही बढ़ने के साथ ही भ्रष्टाचार पर भी अंकुश लग रहा है।