अंजुमन हुसैनिया की ओर से शेहदाये कर्बला और शहीदों की याद में जुलूस निकाला गया। जो वसी रजा की अगुवाई में कोतवाली, नखास चौक, रेती चौक होता हुआ इमामबाड़ा आगा साहबान निकट गीता प्रेस के पास जाकर संपन्न हुआ।
इस दौरान मौलाना शबीह आजमी ने कहा कि हक व इंसाफ के लिए कर्बला की लड़ाई हजरत इमाम हुसैन (अ.स.) के साथ हुई थी, जिसमें इमाम हुसैन के 72 साथी शहीद हो गए थे। जिसे शहादत के चालीसवें के रूप में मनाया जाता है। यहां जंजीर व कमां मिर्जा जाफर अब्बास, विक्की, सिल्की, मुुर्तुजा, आबिस, हसन, कुमैल, अली हैदर, तैसीन, तफसील, श्याम फैजान अली, अमन, तौकरी रजा, मोहम्मद अनवर, यशब, दिलशाद, जुल्फीकार रिजवी, असकरी, मसूद आदि ने मातम किया।
इस अवसर पर असलम, एजाज हुसैन रिजवी, फरीर रिजवी, अशफाक हैदर, एलिया जाफरी, सुहैल हैदर, हम्दाद इमाद, जावेद हैदर, फिरोज, राजा रिजवी, मासूम रजा, तनवीर रिजवी, गुलाम मुस्तफा जैदी, रफत हुसैन, कौसर, मो. मेहंदी, मानिस रजा, जिशान हैदर, जावेद निसार, आमिस, रब्बन आदि मौजूद रहे। जुलूस निकालने में नौहे ख्वानी के फरायज अली अब्बास, आरिफ हुसैन, अमन, सिब्ते आदि ने मुख्य भूमिका निभाई।