पिपराइच(गोरखपुर)। प्रदेश के सिंचाई मंत्री एवं जिले के प्रभारी मंत्री धर्मपाल सिंह ने बुधवार को सीएचसी, ब्लॉक और गेहूं क्रय केंद्रों का निरीक्षण किया। कार्य के प्रति लापरवाही बरतने पर उन्होंने सीएचसी अधीक्षक डॉ. मुकेश रस्तोगी और ग्राम विकास अधिकारी विरेंद्र यादव को निलंबित कर दिया। वहीं गेहूं क्रय केंद्र पीसीएफ बंद मिलने पर डीएम को कार्रवाई का निर्देश दिया जब कि हॉट शाखा पर गेहूं खरीद व्यवस्था से वे खुश नजर आए।
सिंचाई मंत्री सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का निरीक्षण करने पहुुंचे। जनता की शिकायतों पर उन्होंने पूरे परिसर की जांच की। इस दौरान वार्ड मरीजों से खाली था। परिसर में गंदगी देखने को मिली। जांच के दौरान अधीक्षक डॉ. मुकेश रस्तोगी के गैरहाजिर रहने, मनमानी काम करने तथा उपस्थिति पंजिका पर हाजिरी न बनाने जैसी कई खामियां मिलीं। अस्पताल में मौजूद लोगों ने मंत्री को बताया कि अधीक्षक यहां 14 साल से हैं। इसके अलावा कई अन्य शिकायतें की गईं। शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए मंत्री ने अधीक्षक को निलंबित करने का निर्देश दिया। उन्होंने ओपीडी पंजिका में दर्ज 268 मरीजों को दी गई दवाओं की भी जांच की। निरीक्षण के दौरान मौजूद डॉ. पी गोविंद, डॉ. आनंद तथा एके देवल से मंत्री ने कहा कि सरकार की तीन प्राथमिकताओं में स्वास्थ्य सर्वोपरि है। बाहर की जांच व दवाएं न लिखें और ईमानदारी से काम करें।
इसके बाद मंत्री ने ब्लॉक कार्यालय का निरीक्षण किया। बीडीओ प्रमेंद्र कुमार पांडेय को अवकाश के दिन भी कार्यालय में मौजूद रहने पर शाबासी दी। ग्राम प्रधान संघ के जिलाध्यक्ष लव सिंह ने गांवों में लचर सफाई व्यवस्था तथा मच्छररोधी दवा का छिड़काव न होने की बात कही। उन्होंने प्राथमिकता के आधार पर दोनों समस्याओं के समाधान का निर्देश दिया। इस्लामपुर निवासी भाजपा नेता अष्टभुजा त्रिपाठी ने अपने गांव के ग्राम विकास अधिकारी विरेंद्र यादव पर प्रमाण पत्रों के नाम पर जनता को परेशान करने और धन उगाही का आरोप लगाया जिस पर मंत्री ने उन्हें निलंबित करने का निर्देश दिया।
सिंचाई मंत्री ने दो गेहूं क्रय केंद्रों का भी निरीक्षण किया। पीसीएफ क्रय केंद्र बंद देखकर डीएम को कार्रवाई का निर्देश दिया, वहीं किसानों से हाट शाखा पिपराइच पर खरीद की सराहना सुन मंत्री ने वहां के प्रभारी विवेक को पुरस्कृत करने की घोषणा की।
सप्ताह भर पहले स्वास्थ्य मंत्री ने किया था सम्मानित
पिपराइच(गोरखपुर)। केंद्रीय स्वास्थ्य मिशन कायाकल्प योजना के तहत चार मई को जिस सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को प्रदेश में तीसरा और मंडल में पहला मॉडल अस्पताल का दर्जा देकर अधीक्षक समेत स्वास्थ्य कर्मियों को लखनऊ में स्वास्थ्य मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने सम्मानित किया उसी अधीक्षक को बुधवार को प्रदेश के सिंचाई मंत्री ने निलंबित कर दिया। आज जब सिंचाई मंत्री अस्पताल पहुंचे तो वहां की व्यवस्था देखकर दंग रह गए। लोगों की शिकायतों और अधीक्षक मुकेश रस्तोगी को कार्य के प्रति लापरवाही के आरोप में निलंबित कर दिया गया।