तिवारीपुर मे बकरीद की तैयारी मे बकरा खरीदते लोग ।
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ईद-उल-अजहा यानी बकरीद का पर्व मंगलवार को अकीदत और उल्लास के वातावरण में मनाया जाएगा। शहर के ईदगाहों और छोटी-बड़ी मस्जिदों में तय समय पर नमाज के बाद कुर्बानी का दौर शुरू होगा, जो सूर्यास्त तक चलेगा। कुर्बानी का यह सिलसिला 15 सितंबर तक जारी रहेगा।
पर्व को लेकर सोमवार को शहर के जामा मस्जिद उर्दू बाजार, इलाहीबाग, खूनीपुर जबहखाना, रेती रोड, मदीना मस्जिद, पाकीजा होटल खूनीपुर, नखास रोड, रसूलपुर, गोरखनाथ आदि स्थानों पर कुर्बानी का बाजार देर रात तक गुलजार रहा। बाजारों मेें छह हजार से 70 हजार रुपये तक के बकरे मौजूद थे। यहां लोग देर रात तक मोलभाव करते नजर आए। सेवइयों व कपड़ों के बाजार में भी रौनक रही। उधर, घरों में पकवान बनाने में महिलाएं व्यस्त रहीं। इसी क्रम में उलेमाओं ने कुर्बानियों से निकलने वाले अपशिष्ट के सही जगह पर निस्तारित करने की अपील की है।
शेरू और कल्लू-काबरा का रहा आकर्षण
कुर्बानी के बाजार में ज्यादा कीमत वाले बकरे आकर्षण का केंद्र रहे। ऊंचवा के आईडीएल मैरेज हाउस में पले एक लाख के शेरू बकरे ने सभी का ध्यान खींचा। जामा मस्जिद उर्दू बाजार पर आए बकरा व्यापारी इमरान अली के काले बकरे कल्लू और काबरा की भी खासी डिमांड रही। इमरान ने इसकी कीमत 70,000 रुपये रखी है। तुर्कमानपुर के अहमद के ऊंचे कद के सफेद बकरे सलमान की भी खूब चर्चा रही। अहमद ने इसकी कीमत 40,000 हजार रुपये लगाई है। इसी तरह तुर्कमानपुर के दद्दू भाई का 28,000 हजार और पहाड़पुर का सुहेल के 30,000 हजार का सुल्तान बकरा भी चर्चा में रहा।