स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना के तहत लोगों को खुले में शौच से रोकने के लिए जिले के अफसर रोजाना नए-नए प्रयोग कर रहे हैं। लोगों को जागरूक करने के बाद कुछ दिनों तक गांव में पहुंचकर अफसरों ने खुले में शौच करने वालों को माला पहनाकर सम्मानित किया।
गांव-गांव कमेटी बनाई गई जो खुले में शौच करने जा रहे लोगों को सीटी बजाकर आगाह करती है। यही नहीं, खुद भी नजीर पेश करने से अफसर चूके नहीं। एक गांव में खुले में शौच करते पकड़े जाने पर सफाईकर्मी को पंचायतीराज महकमे ने रविवार को छुट्टी के दिन भी दफ्तर खोलकर निलंबित करने का आदेश जारी किया।
मंगलवार की भोर चार बजे सीडीओ डॉ मन्नान अख्तर खुद कौड़ीराम ब्लाक के बांसपार गांव का निरीक्षण करने पहुंच गए। इस गांव में शौचालय न होने से अब भी लोगों को खुले में शौच के लिए जाना पड़ता है। पिछले कई दिनों से सीडीओ और पंचायती राज महकमे के अफसरों ने इस गांव में कैंप लगाकर लोगों को समुदाय संचालित संपूर्ण स्वच्छता गतिविधि के विषय में जागरूक किया।
साथ ही ग्रामीणों को यह भी बताया गया कि अगर वे खुले में शौच के लिए जाते हैं तो कुदाल या खुरपी साथ ले जाएं । शौच केे बाद कुदाल और खुरपी की मदद से उसे ढक दें ताकि संक्रमण न फैले। इस जागरूकता के बाद कई लोगों ने गड्ढा खोद लिया है तो कुछ ने शौचालय बनवाना भी शुरू कर दिया है।
सीडीओ के निरीक्षण में कोई खुले में शौच करता नहीं मिला । जो शौच से लौट रहे थे उनके भी हाथ में कुदाल और खुरपी देखी गई। इसके बाद सीडीओ ने घर-घर जाकर लोगों को खुले में शौच न करने को लेकर जागरूक किया। उन्होंने गांव के पोखरे और दूसरे विकास कार्यों का भी जायजा लिया। पोखरे में पानी के साथ ही साथ चारों तरफ पौधे देख उन्होंने प्रधान की प्रशंसा की।
इस दौरान सहायक जिला पंचायत राज अधिकारी श्रवण कुमार सिंह, ओम प्रकाश मणि त्रिपाठी, जिला कंसलटेंट स्वच्छ भारत मिशन बच्चा सिंह, संजय कुमार पाण्डेय, उपेंद्र कुमार यादव, विनोद सिंह, अनुज राय, सुधीर कुमार श्रीवास्तव, जितेंद्र प्रताप सिंह समेत कई अफसर मौजूद थे।