परिवहन कार्यालय से भ्रष्टाचार खत्म करने के लिए प्रदेश के सभी दफ्तरों में एक बार फिर सीसीटीवी कैमरा लगाने की प्रक्रिया शुरू की गई है। इसके तहत 37 परिवहन कार्यालयों को कैमरे की निगरानी में लाया जाएगा। इससे पहले प्रथम चरण में मुख्यालय सहित प्रदेश के 40 दफ्तरों में सीसीटीवी कैमरा लगाया गया था। लेकिन बजट के अभाव में 37 दफ्तर छूट गए थे।
शासन की तरफ से सख्त निर्देश है कि कैमरे उन अनुभागों में लगाए जाएंगे, जहां लोगों का आना-जाना ज्यादा होता है। कैमरे लगने के बाद लखनऊ मुख्यालय में बैठे ट्रांसपोर्ट कमिश्नर भी प्रदेश के किस कार्यालय में क्या हो रहा है, देख सकते हैं और कार्रवाई कर सकते हैं। इसके लिए शासन से सवा बाइस लाख रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। इसमें से हर कार्यालय में 60 हजार रुपये कंप्यूटर हार्डवेयर और कैमरे के लिए दिया गया है।
यहां लगेगा कैमरा
प्रदेश में बस्ती, सिद्धार्थनगर, संतकबीरनगर, इलाहाबाद, कौशांबी, प्रतापगढ़, फतेहपुर, बांदा, हमीरपुर, महोबा, चित्रकूट, बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर, मुरादाबाद, अमरोहा, बिजनौर, रामपुर, संभल, गोरखपुर, महराजगंज, देवरिया, कुशीनगर, मिर्जापुर, संतरविदास नगर, सोनभद्र, आगरा, फिरोजाबाद, मैनपुरी, मथुरा, अलीगढ़, एटा, हाथरस, कासगंज, झांसी, उरई तथा ललितपुर के परिवहन दफ्तर में सीसीटीवी कैमरा लगेगा।
कार्यालय में छह कैमरे लगाए जाएंगे। इन कैमरों से ड्राइविंग लाइसेंस अनुभाग के साथ-साथ अन्य अनुभाग जहां वाहन स्वामियों को ज्यादा आना-जाना होता है, वहां लगाया जाएगा।
- डॉ. एके गुप्ता, आरटीओ प्रवर्तन