सीबीएसई : फ्लाइंग एडमिशन लेने वाले स्कूलों की खत्म होगी मान्यता
गोरखपुर। स्कूल में दाखिला देकर विद्यार्थियों को कोटा, दिल्ली आदि जगहों पर कोचिंग के लिए जाने की छूट देने वाले वाले स्कूल प्रबंधन की मुश्किलें बढ़ने वाली हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) ने फ्लाइंग नामांकन लेने वाले ऐसे स्कूलों पर कार्रवाई का फैसला किया है। उनकी मान्यता भी रद्द की जा सकती है। इस संबंध में बोर्ड का आदेश जिले में संचालित 97 स्कूलों में पहुंच गया है। बोर्ड ने कहा है कि जो छात्र 11वीं में फ्लाइंग नामांकन लेंगे, उनका प्रवेश निरस्त कर दिया जाएगा। इस बार शैक्षिक सत्र के आरंभ से ही नामांकन के डॉटा की जांच की जाएगी। स्कूल को जितने सेक्शन के लिए संबद्धता मिली है, उतना ही नामांकन लेना है। एक सेक्शन में 40 से 45 छात्र ही रहेंगे। इसमें शिक्षकों संख्या भी देखी जाएगी।
शहर में भी उठ चुकी है आवाज
सत्र 2018-19 में एक निजी स्कूल में दाखिला लेकर दिल्ली में प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले एक टॉपर के रिजल्ट पर शहर के कुछ शिक्षकों ने सोशल नेटवर्किंग साइट पर सवाल उठाया था। उनका कहना था छात्र ने दूसरा स्थान हासिल करने वाले उस छात्र का हक मार लिया जो रोजाना स्कूल में उपस्थित रहा। गोरखपुर पब्लिक स्कूल एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय शाही ने भी बोर्ड से इस नियम की सख्त निगरानी किए जाने की मांग की थी।
तीन बार सूची की होगी जांच
11वीं में नामांकन और 12वीं का परीक्षा फार्म भरने के बीच में अब तीन बार जांच होगी। जांचा जाएगा कि स्कूल में कितने नामांकन हुए, 12वीं परीक्षा के लिए कितने रजिस्ट्रेशन हुए और परीक्षा फार्म कितने विद्यार्थियों ने भरे।
क्या है फ्लाइंग नामांकन
ं दसवीं की परीक्षा पास करने के बाद छात्र-छात्राएं इंजीनियरिंग एवं मेडिकल प्रवेश परीक्षा की तैयारी के लिए अच्छे कोचिंग संस्थानों में प्रवेश लेते हैं। ये छात्र स्कूल में नामांकन चाहते हैं, लेकिन क्लास नहीं करना चाहते। ऐसे छात्र स्कूल वालों की कृपा पर 11वीं में कोई परीक्षा नहीं देते, स्कूल वाले उन्हें सीधे 12वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल करने की गारंटी देते हैं। जबकि बोर्ड की ओर से 12वीं की परीक्षा में शामिल होने के लिए 75 फीसदी न्यूनतम उपस्थिति का नियम है।