पंजाब नेशनल बैंक की विकास भवन शाखा में हुए करोड़ों के घोटाले में सीबीआई की एंटी करप्शन ब्रांच (लखनऊ) ने जांच तेज कर दी है। बैंक के अफसरों-कर्मचारियों के अलावा समाज कल्याण विभाग के एक कर्मचारी से पूछताछ समेत कुछ और जरूरी दस्तावेज हासिल करने के लिए सीबीआई के अफसर बृहस्पतिवार को विकास भवन पहुंचे। उधर, सीबीआई के अचानक धमकने की सूचना से विकास भवन के कई विभागों में हड़कंप मच गई। इस मामले में सीबीआई कई बार बैंक समेत विभिन्न विभागों के अफसरों, कर्मचारियों को लखनऊ में बुलाकर घंटों पूछताछ कर चुकी है।
पिछले साल 23 और 24 सितंबर को भी समाज कल्याण विभाग के दो कर्मचारियों से पूछताछ के बाद विभिन्न योजनाओं से जुड़े दस्तावेज तलब किए गए थे। माना जा रहा है कि घोटाले के इस मामले में बैंक अफसरों, कर्मचारियों के साथ ही जिले के कुछ अन्य विभागों के भी पूर्व व वर्तमान अफसर-कर्मचारी फंस सकते हैं। प्रारंभिक तौर पर अभी करीब पांच करोड़ रुपये का घोटाला आंका जा रहा है। मगर सूत्र बताते हैं कि जांच में यह रकम और बढ़ सकती है।
बैंक में 15 डमी अकाउंट खोलकर हुआ खेल
आरोप है कि पूर्व प्रबंधक एसएन चौबे ने बैंक के अपने अन्य अफ सरों, कर्मचारियों के सहयोग से वर्ष 2012 से 2015 के बीच विभिन्न सरकारी योजनाओं के 15 डमी अकाउंट खोलकर करीब पांच करोड़ रुपये निकाल लिए। इन योजनाओं में छात्रवृत्ति, वृद्धा-विधवा पेंशन, महामाया आर्थिक मदद, रानी लक्ष्मी बाई योजना, विकलांग पेंशन समेत कुछ अन्य योजनाएं शामिल हैं। सीबीआई ने इस मामले में पूर्व ब्रांच मैनेजर एसएन चौबे समेत बैंक के पांच अफसरों, कर्मचारियों के साथ ही कई अन्य अज्ञात पर अप्रैल 2017 में मुकदमा दर्ज किया था।
इन पर दर्ज है केस
ब्रांच मैनेजर, श्यामा नंद चौबे
लोन इंचार्ज, प्रदीप कुमार जायसवाल
लोन इंचार्ज, ओम प्रकाश मल्ल
हेड कैशियर, राजेंद्र कुमार
चपरासी, अरविंद कुमार
कई अन्य अज्ञात