बिहार में थावे-छपरा के बीच अमान परिवर्तन में बरती गई अनियमितता की जांच करने आई सीबीआई टीम को कुछ अहम सुराग हाथ लगे हैं। कार्य से जुड़ीं सभी फाइलों को जब्त कर टीम ने कुछ अफसरों और ठेकेदारों के बैंक एकाउंट के स्टेटमेंट भी हासिल कर ली है। टीम शनिवार को लौट गई। सूत्रों के मुताबिक जल्द ही इस मामले में बड़ी कार्रवाई हो सकती है। रेलवे में सीबीआई की कार्रवाई को लेकर हड़कंप मचा हुआ है।
रेलवे के भरोसेमंद सूत्रों की मानें तो अमान परिवर्तन के काम में रेल लाइन के नीचे मानक से कम गिट्टियां बिछाई गई हैं। निर्माण खंड के दो अधिकारियों ने अपने चहेते ठेकेदार को गलत तरीके से फायदा पहुंचाया है। करीब 16 करोड़ रुपये के भुगतान की जांच सीबीआई कर रही है। इसकी शिकायत विभागीय ठेकेदारों की ओर से ही की गई थी। मामले की जांच विजिलेंस टीम ने भी की थी और अनियमितता पाई गई थी। शुक्रवार को सीबीआई ने निर्माण खंड के एक डिप्टी चीफ इंजीनियर, एक एक्सईएन एक पीडब्ल्यूूआई से गहन पूछताछ की। इसके बाद टीम के लोगों ने बिहार के बजरंग कंस्ट्रक्शन के ठेकेदार से भी शुक्रवार की देर रात तक पूछताछ की। कार्य से जुड़ीं फाइलों को टीम ने जब्त कर लिया है। इस मामले में जल्द ही कुछ और अधिकारियों से पूछताछ हो सकती है।
महराजगंज-मसरुख रेल खंड पर तीन ब्रिज निर्माण में हुई थी धांधली
पूर्वोत्तर रेलवे के महराजगंज-मसरुख रेल खंड पर तीन ब्रिज निर्माण के टेंडर में धांधली और करोड़ों रुपये के घपले की भी जांच सीबीआई ने की थी। इस मामले में एनईआर के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी और उनके स्टेेनो से दिल्ली में पूछताछ की गई थी। वर्ष 2013 में इस कार्य में हुई धांधली की शिकायत रेलवे बोर्ड में की गई थी। गोपनीय तरीके से जांच में शिकायत सही पाई गई और रेलवे बोर्ड ने जांच सीबीआई को सौंप दिया। एक मई 2014 को सीबीआई ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी निर्माण संगठन कार्यालय में छापा डाला था। छानबीन के बाद कार्यालय सील कर दिया गया था और मुख्य प्रशासनिक अधिकारी ओंकार सिंह और मुख्य इंजीनियर निर्माण के घर पर भी छापे की कार्रवाई हुई। इसमें नकद के अलावा सीबीआई को कुछ अहम सुराग हाथ लगे थे। सीबीआई की दूसरी टीम ने मुख्य प्रशासनिक अधिकारी को दिल्ली एयरपोर्ट से गिरफ्तार कर लिया था।