गोरखपुर में सड़क बनाने के लिए रखे निर्माण सामग्री और रोड रोलर से टकराकर हुई मौत के मामले में मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी तारकेश्वरी सिंह ने ठेकेदार श्याम नारायण सिंह और अन्य जिम्मेदार अफसरों के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर विवेचना किए जाने का आदेश प्रभारी निरीक्षक थाना सहजनवां को दिया है।
कोर्ट में सहजनवा थाना क्षेत्र के कोदरी निवासी वादिनी श्रीमती चंद्रमणि सिंह की तरफ से दिनेश चंद चौधरी एडवोकेट का कहना है कि घटना 18 फरवरी 2019 की शाम सात बजे की है। वादिनी का लड़का रितेश प्रताप सिंह अपने पिता दयाशंकर सिंह को लाने के लिए मोटरसाइकिल से सहजनवां रेलवे स्टेशन जा रहा था।
गांव से दो सौ मीटर की दूरी पर ही सड़क पर गिट्टी रोड रोलर तारकोल का ड्रम आदि रखा हुआ था। रितेश गिट्टी से फिसल कर रोड रोलर से टकरा गया और तारकोल के ड्रम पर गिर पड़ा जिससे उसे गंभीर चोट आई। उसे तत्काल इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। 17 दिन चले इलाज के बाद सात मार्च 2019 को चरक हॉस्पिटल एंड रिसर्च सेंटर हरदोई रोड लखनऊ में उसकी मौत हो गई।
ठेकेदार श्याम नारायण सिंह ने सड़क निर्माण सामग्री पतली सड़क पर ही बेतरतीब छोड़ा हुआ था । घटनास्थल पर कोई सावधानी का चिन्ह या लाल निशान लाल झंडी नहीं लगाई गई थी। जगह-जगह गिट्टी और मिट्टी का ढेर लगा हुआ था। ठेकेदार और अफसरों की लापरवाही से यह दुर्घटना घटित हुई। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट ने मामले को संज्ञेय प्रकृति का पाते हुए मुकदमा दर्ज करने का आदेश दिया।