अब रेलवे स्टेशनों पर जनरल टिकट लेना आसान हो जाएगा। स्मार्ट कार्ड के अलावा कैश से भी यात्री टिकट ले सकेंगे। इसके लिए हर प्लेटफॉर्म पर एक-एक स्मार्ट कार्ड व कैश बेस्ड को-एटीवीएम (ऑटोमेटिक टिकट वेंडिंग मशीन) लगाई जाएगी। रेलवे बोर्ड ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
रेलवे स्टेशनों पर भीड़ बढ़ने के दौरान जनरल टिकट लेना मुश्किल हो जाता है। लंबी लाइन होने से टिकट हासिल करने तक ट्रेन के छूटने का डर बना रहता है। ऐसे में रेलवे ने अब यात्रियों को टिकट मुहैया कराना आसान कर दिया है। अभी प्लेटफॉर्म पर स्मार्ट कार्ड बेस्ड एटीवीएम लगाई जा रही है लेकिन सुविधाओं के विस्तार की अगली कड़ी में को-एटीवीएम लगाने की भी योजना है। इस नई व्यवस्था से ऐसे यात्रियों को फायदा होगा जिनके पास स्मार्ट कार्ड नहीं है और वे तत्काल प्लेटफॉर्म पर ही टिकट लेना चाहते हैं। टिकट की सुविधा 24 घंटे मिलेगी। पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर पहले गोरखपुर, लखनऊ और छपरा में मशीन लगाई जाएगी। मशीन को ऑपरेट करने के लिए एक एजेंट को भी रखा जाएगा। उसे रेलवे टिकट की बिक्री पर कमीशन मिलेगा।
जनरल टिकट से रोजाना 40 हजार की होती है बिक्री
गोरखपुर से होकर करीब 116 एक्सप्रेस ट्रेनें गुजरती हैं। इसके अलावा 25 पैसेंजर ट्रेनें भी चलती हैं। लिहाजा जनरल टिकट से सफर करने वाले यात्रियों की तादाद अधिक होती है। सिर्फ रेलवे स्टेशन स्थित अनारक्षित टिकट काउंटर से 32 से 35 हजार टिकटों की प्रतिदिन ब्रिकी होती है, जबकि जेटीबीएस (जनसाधारण टिकट बुकिंग सेवक) से चार से पांच हजार टिकट बिकते हैं।