कैंट स्टेशन की सूरत जल्द ही बदली नजर आएगी। स्टेशन का दायरा बढ़ जाएगा और यात्रियों को सभी अत्याधुनिक सुविधाएं मिलेंगी। इसके लिए स्टेशन की इमारतें तो टूटेंगी हीं, बगल के 64 मकान भी तोड़े जाएंगे। यही नहीं, दूसरे छोर पर यात्रियों को बाहर निकलने के लिए अंडर पास भी बनेगा।
रेलवे ने कैंट को सिटी सेटेलाइट टर्मिनल बनाने का खाका तैयार कर लिया है जिसे रेलवे बोर्ड की मंजूरी भी मिल चुकी है। प्रस्ताव के मुताबिक स्टेशन पर बने स्टेशन मास्टर का रूम, कंट्रोल रूम, वेटिंग रूम व शौचालय को तोड़कर उत्तर दिशा की ओर इंट्री प्वाइंट के पास शिफ्ट किया जाएगा।
इसके अलावा रेलवे के क्वाटर को हटाकर उसकी जगह दो नई पैसेंजर लाइनें बनाई और एक होम प्लेटफार्म बनेगा। इस काम में चार करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। वहीं स्टेशन की नई इमारत को बेहतर लुक देने के लिए 16.03 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यहीं नहीं, प्लेटफार्म पर स्टील बेंच, वाटर कूलर, आधुनिक विश्रामालय, रिटायरिंग रूम भी बनाए जाएंगे। दूसरे छोर पर बनने वाला अंडरपास रेलवे क्रासिंग के पास की सड़क से जोड़ा जाएगा।
एनईआर के सीपीआरओ संजय यादव के मुताबिक काम जल्द शुरू होगा। कैंट स्टेशन के सेटेलाइट टर्मिनल बनने के बाद यहां से बिहार और वाराणसी की ओर जाने वाली कई ट्रेनों को चलाया जाएगा। इससे गोरखपुर जंक्शन पर ट्रेनों का लोड कम हो जाएगा और प्लेटफार्म खाली न रहने की समस्या भी दूर हो जाएगी।
लिफ्ट लगेंगी, आरओ का पानी मिलेगा
प्लेटफार्म तक जाने के लिए यात्रियों को सीढ़ियां नहीं चढ़नी होगी, उन्हें लिफ्ट की सुविधा मिलेगी। सभी प्लेटफार्म पर लिफ्ट लगाई जाएगी। इसके अलावा सभी प्लेटफार्मों पर वाटर वेंडिंग मशीन लगेगी, जहां से पांच रुपये में एक लीटर आरओ का पानी मिलेगा।
जीआरडी से रेलवे ने मांगी जमीन
कैंट स्टेशन के विस्तार के लिए रेलवे ने जीआरडी से जमीन मांगी है। स्टेशन से सटी रेलवे क्रासिंग के पास 10 मीटर चौड़ी और 100 मीटर लंबी खाली जमीन है। इसका उपयोग कर वाशिंग लाइन बनाने की तैयारी है।