सुविधा और संसाधनों के अभाव में गोरखपुर छोड़कर मेट्रो शहर में बिजनेस जमाने वाले उद्यमियों को अब शहर वापस बुलाने लगा है। शहर के एक युवा उद्यमी की पहल के बाद दिल्ली और चेन्नई में बिजनेस कर रहे गोरखपुर के दो उद्यमियों ने अपना बीपीओ शहर में शिफ्ट कर लिया है। इससे कई स्थानीय लोगों को रोजगार भी मिला है।
बदलाव की यह बयार शहर के एक युवा उद्यमी अर्नव कुमार की पहल से उठी। अर्नव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्टार्टअप योजना से प्रेरणा लेकर शहर में कोवर्किंग स्पेस तैयार किया। उनकी मंशा नए उद्यमियों को काम शुरू करने के लिए कम लागत पर बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित माहौल देकर स्टार्टअप को बढ़ावा देने की थी। विजय चौराहे पर उन्होंने कोवर्किंग स्पेस उपलब्ध कराया तो गोरखपुर से जुड़े दो उद्यमी आकर्षित हुए।
दिल्ली में पांच साल से यूनिक सिस्टम नाम से बीपीओ चलाने वाले उद्यमी रजनीश ने वहां का दफ्तर गोरखपुर शिफ्ट कर लिया। दिसंबर 2017 से ही विजय चौक स्थित कोवर्किंग स्पेस में उनका बीपीओ चल रहा है। इसमें छह स्थानीय युवाओं को काम भी मिला है। ये युवा रात के वक्त यूके एंड यूएस में कॉल करके यूनिक सिस्टम के लिए बिजनेस कलेक्ट कर रहे हैं।
चेन्नई में वर्धा इंफोसिस्टम नाम से बीपीओ चलाने वाले प्रखर भी इसी तरह से आकर्षित होकर अपने शहर गोरखपुर लौटे। शहर के इसी कोवर्किंग स्पेस से कनाडा और कुछ अन्य पश्चिमी देशों में कॉल करके यह बीपीओ एक ई-कॉमर्स कंपनी के लिए बिजनेस कलेक्ट कर रही है। इसमें गोरखपुर के आठ युवाओं को रोजगार भी मिला है।
दो उद्यमियों ने साधा संपर्क
वर्चुअल रियलिटी के लिए अगमेंटेड रियलिटी पर बेस्ड वेबसाइट तैयार करने वाली मुंबई की कंपनी को अपने शहर गोरखपुर लाने के लिए इसके मालिक मोहित ने अर्नव कुमार से संपर्क किया है। अर्नव के मुताबिक मोहित अब अपना काम गोरखपुर से ही करना चाहते हैं। ‘इंटीरियरवाला’ वेबसाइट का दफ्तर भी मेट्रो सिटी से गोरखपुर शिफ्ट करने के लिए उसके मालिक रोहित ने संपर्क साधा है। कम लागत में सुरक्षित एवं सुविधाओं से लैस दफ्तर इन उद्यमियों को उनके शहर में खींच रहा है।