दिवाली पर यात्रियों के दबाव को देखते हुए रोडवेज ने भले ही बसों का फेरा बढ़ा दिया हो। बावजूद इसके यात्रियों की दुश्वारियां कम नहीं हुई और उन्हें अपने गंतव्य तक पहुंचाने में दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
रोजी-रोजगार के सिलसिले में महानगरों में गए पूर्वांचल के लोगों का दिवाली पर आना शुरू हो गया है। इन दिनों ट्रेनें पूरी तरह से पैक चल रही हैं। इस वजह से अपने घरों तक पहुंचने के लिए रोडवेज की बसें ही यात्रियों का प्रमुख साधन हैं। दिल्ली, कानपुर, लखनऊ आदि महानगरों से गोरखपुर आने वाली बसें पूरी तरह से पैक होकर आ रही हैं। मगर यात्रियों के गोरखपुर पहुंचने के बाद कुशीनगर, देवरिया, बड़हलगंज, महराजगंज, सलेमपुर, फरेंदा, दोहरीघाट आदि स्थानों पर जाने के लिए घंटों बस का इंतजार करना पड़ रहा है। शुक्रवार को बस स्टेशन पर काफी भीड़ जुटी रही। अपने गंतव्य तक पहुंचने के लिए यात्रियों को काफी देर तक बसों का इंतजार करना पड़ा। निगम के अधिकारियों का कहना है कि लंबी दूरी के पर्याप्त बसें हैं। वहां से यात्रियों को आने-जाने में किसी तरह की दिक्कत नहीं है। गोरखपुर से जुड़े लिंक रोडों के लिए बसों का फेरा बढ़ाया गया है।
इलाहाबाद, बनारस से निकल रहीं अधिक सवारियां
राप्तीनगर डिपो के सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक मुकेश कुमार ने बताया कि इलाहाबाद और बनारस से अधिक सवारियां निकल रही हैं। इसलिए इस रूट पर बसों का फेरा बढ़ाया गया है। जबकि गोरखपुर से इन दोनों शहरों के लिए कई बार बसें खाली जा रही हैं।
चालक-परिचालक की कमी से यात्री परेशान
गोरखपुर। रोडवेज के अधिकारी भले ही बसों का फेरा बढ़ाने की बात करते हैं। मगर हकीकत यह है कि जब तक चालक-परिचालक की कमी पूरी नहीं होगी तब तक यात्रियों की दिक्कतें खत्म नहीं होंगी, क्योंकि सरकार की ओर से रोडवेज को बसें तो दे दी गईं, पर बसों के संचालन के लिए ड्राइवर और कंडेक्टर पर्याप्त संख्या में उपलब्ध नहीं कराए गए हैं।
आसपास के लिंक रोडों पर चलने वाली 25 बसों का फेरा बढ़ा दिया गया है। इसके अलावा चालकों-परिचालकों के लिए बोनस स्कीम भी लांच की गई है, जिससे वह अपनी आय बढ़ा सकें।
- आरके मंडल, सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक, गोरखपुर डिपो