जिला पंचायत सभागार में आयोजित बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष गीतांजलि यादव व अन्य।
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जिला पंचायत की बैठक शनिवार को अध्यक्ष गीतांजलि यादव की अध्यक्षता में हुई। 2016-17 का प्रस्तावित बजट 46,9489087 अपर मुख्य अधिकारी ने रखा जिसे सदन ने पास कर दिया। सीएचसी और पीएचसी पर चिकित्सकों के अभाव और दवा की किल्लत का मुद्दा सदस्यों ने सदन में उठाकर अधिकारियों का ध्यान आकृष्ट किया। वहीं जिला योजना में सदस्यों का प्रस्ताव शामिल न होने से उसे सदन ने पास नहीं किया। इसके अलावा लेबर बजट को भी पास नहीं किया गया।
जिला पंचायत की पहली बैठक में पहुंचे सदस्यों ने अपने-अपने ढंग से अपने क्षेत्र की समस्याओं को सदन के समक्ष रखा। ग्रामीण क्षेत्रों में लगे टावरों से जिला पंचायत टैक्स वसूलेगी। गिट्टी, बालू, मोरंग, लेकर जाने वाले वाहनों से अब देहात क्षेत्रों में टैक्स वसूला जाएगा। इसे भी सदन ने पास कर दिया। जिला पंचायत सदस्य सत्यवंत सिंह ने स्वास्थ्य केंद्राें की खराब हालत का मुद्दा उठाया।
कहा कि उनका क्षेत्र बेलघाट ब्लाक में पड़ता है जो शहर से 50 किलो मीटर दूर है। वहां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बने दस साल हो गए, लेकिन अब तक वहां न तो डॉक्टर बैठते हैं न अन्य किसी प्रकार की सुविधा है। दूर दराज का क्षेत्र होने के कारण कुत्ता काटने पर गरीब आदमी को जिला मुख्यालय तक आने में मुश्किल होती है। एडीशनल सीएमओ ने कहा कि पीएचसी पर रैबिज की व्यवस्था की जाएगी। उनके अलावा पिपराइच एवं कैंपियरगंज के स्वास्थ्य केंद्रों का मुद्दा भी उठा।
रजनीश यादव ने स्वच्छता का मुद्दा उठाते हुए कहा कि शौचालय के निर्माण में भेदभाव हो रहा है। प्रधानों की तरह जिला पंचायत सदस्यों से भी शौचालय के निर्माण में प्रस्ताव लिए जाए। विमलेश पासवान ने बिना डिग्री के प्रैक्टिस करने वाले डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की। नगर निगम के पार्षदों की तरह जिला पंचायत सदस्यों को सीयूजी व लैपटाप देने का प्रस्ताव सदन में रखा गया जिसे सदन ने पास कर दिया।
समाज कल्याण व जिला पूर्ति अधिकारी के सदन में न आने पर उनके विरुद्ध निंदा प्रस्ताव पास किया गया। बैठक में सुमन पासवान, सुनीता सिंह, दिलीप यादव, रमेंद्र यादव, सहित अन्य सदस्य उपस्थित थे।