मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की प्राथमिकता वाले गोरखपुर मेट्रो प्रोजेक्ट की रफ्तार अब और तेज हो जाएगी। प्रारंभिक स्तर पर डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) के लिए सर्वे का काम पूरा हो चुका है। मंगलवार को राज्य सरकार की तरफ से गोरखपुर समेत आगरा और कानपुर मेट्रो के लिए 288 करोड़ का बजट स्वीकृत होने से अब डीपीआर के साथ ही निर्माण कार्य में भी तेजी दिखाई देने लगेगी।
एसटीसी (श्वेता टेकभनोफाइल कंसलटेंट) ने शहर में एक जून से सर्वे का काम शुरू किया था। यातायात दबाव के साथ ही यात्रियों का पूरा ब्यौरा जुटाने के बाद कंपनी अब रिपोर्ट तैयार कर रही है। इसे राइट्स को 15 जुलाई तक सौंपने की तैयारी है। गोरखपुर मेट्रो को हरी झंडी मिलने और जितनी तेजी से सर्वे का काम शुरू हुआ है, उसे देखते हुए माना जा रहा है कि सितंबर तक डीपीआर तैयार होने और उसके तीन महीने के भीतर मेट्रो का निर्माण कार्य शुरू हो जाने की उम्मीद है।
आठ जुलाई को दो दिवसीय दौरे पर शहर आए मुख्यमंत्री ने लखनऊ मेट्रो और राइट्स के अफसरों को इसमें और तेजी लाने के निर्देश दिए थे। बता दें कि डीपीआर बनाने में करीब सवा करोड़ रुपये खर्च होंगे। जीडीए अपने हिस्से का 50 लाख रुपये का भुगतान पहले ही कर चुका है।
दो कॉरिडोर के 28 स्टेशनों तक मेट्रो दौड़ाने की तैयारी
लखनऊ मेट्रो व राइट्स के अफसरों की तरफ से मुख्यमंत्री को दिए गए प्रजेंटेशन के मुताबिक पहले फेज में गोरखपुर मेट्रो दो कॉरिडोर पर दौड़ेगी। पहला कॉरिडोर श्यामनगर से सूबा बाजार का होगा जिसमें 16 स्टेशन पड़ेंगे। इसी तरह दूसरा कॉरिडोर गुलरिहा से ट्रांसपोर्ट नगर तक प्रस्तावित है। इसमें 12 स्टेशन पड़ेंगे। प्रत्येक स्टेशन के बीच एक से सवा किलोमीटर का अंतर होगा। धर्मशाला स्टेशन को जंक्शन बनाने का प्रस्ताव है। यहां दोनों कॉरिडोर आकर मिलेंगे। पहला कॉरिडोर 18.5 किलोमीटर तो दूसरा 12.5 किलोमीटर लंबा होगा।
पहले कॉरिडोर के प्रस्तावित स्टेशन
श्यामनगर, बरगदवा, शास्त्रीनगर, नथमलपुर, गोरखनाथ मंदिर, हाजीपुर, धर्मशाला, रेलवे स्टेशन, गोरखपुर विश्वविद्यालय, पैडलेगंज, मोहद्दीपुर, रामगढ़ लेक, एम्स, मालवीय नगर, एमएमएमयूटी, दिव्यनगर तथा सूबा बाजार।
दूसरे कॉरिडोर के प्रस्तावित स्टेशन
गुलरिहा, बीआरडी मेडिकल कॉलेज, मुगलहा, खजांची बाजार, बशारतपुर, अशोकनगर, असुरन चौक, धर्मशाला, गोलघर, कचहरी चौक, बेतियाहाता, ट्रांसपोर्टनगर।