बसपा की रैलियों में भीड़ पर काबू पाने और सुरक्षा इंतजामों की निगरानी के लिए पार्टी सुप्रीमो मायावती ने अपनी पर्सनल बहुजन वालंटियर फोर्स (बीवीएफ) का दायरा बढ़ाने के साथ ही अधिकार भी बढ़ा दिए हैं। हर सेक्टर में पांच-पांच बीवीएफ के पदाधिकारी तैनात होंगे। रैलियों में मंच और डी घेरे में जाने के लिए इनकी अनुमति जरूरी होगी।
पिछले महीने आजमगढ़ की रैली में अव्यवस्था और इसके बाद लखनऊ में भगदड़ में हुई कार्यकर्ताओं की मौत के बाद पार्टी आलाकमान ने आंतरिक सुरक्षा को लेकर मंथन किया है। इसके बाद बीपीएफ को और बेहतर बनाने का खाका तैयार किया गया है। पार्टी सूत्रों की मानें तो अब रैलियों में प्रशासनिक सुरक्षा इंतजाम के समकक्ष बीवीएफ भी अपने तरीके से सुरक्षा व्यवस्था संभालेगी।
यही नहीं, सभी विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी इनकी मदद करेंगे और सलाह भी मानेंगे। बसपा ने हर विधानसभा को 20 से 25 सेक्टर में बांटा है और हर सेक्टर में पांच-पांच बीवीएफ के पदाधिकारी बावर्दी रहेंगे। खास बात यह है कि पूरी तरह से स्वयं सेवक की भूमिका निभाने वाले पदाधिकारी युवा वर्ग से ही लिए जाएंगे। इसके साथ ही बीवीएफ की महिला विंग को फिर से सक्रिय किया जाएगा।