हरिशंकर तिवारी के आवास पर पुलिस ने छापा मारा था।
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पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के ‘हाता’ में हुई छापेमारी के विरोध की चिंगारी को बसपा ने शोला का रूप देने की तैयारी की है। बसपा सीएम के शहर में सरकार के खिलाफ मिले इस ज्वलंत मुद्दे को गरमाने में जुट गई है। खुद पार्टी सुप्रीमो मायावती ने पूर्व मंत्री के बेटे बसपा विधायक विनय शंकर तिवारी से बातकर हालात का न सिर्फ जायजा लिया है बल्कि सोमवार को होने वाले धरने की कमान प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर को सौंप दी है।
सूबे की सियासत में पूर्व मंत्री हरिशंकर तिवारी के आवास ‘हाता’ का दखल लंबे अरसे से रहा है। शनिवार को इसी हाते में पुलिस ने लूट के एक आरोपी की तलाश में छापा मारा था, जिसकी चर्चा रविवार को हर जुबान पर थी। हर कोई इसे सियासत से जोड़कर देख रहा है। विधानसभा चुनाव में हाशिए पर आई बसपा को यह घटना एक संजीवनी की तरह मिली है। पार्टी इसे आंदोलन का शक्ल देकर माहौल बनाने की तैयारी में है। सूत्रों की मानें तो प्रशासन अगर आंदोलन को रोकने की कोशिश करती है तो बसपा कार्यकर्ता तकरार भी कर सकते हैं। रविवार को बसपा सुप्रीमो ने विनय शंकर तिवारी से दो बार बात की।
माना जा रहा है कि घटना सीएम के शहर की है और पुलिस कार्रवाई में कुछ हाथ नहीं लगने के बाद बसपा ने इसे एक माहौल देकर जनता के बीच जाने की रणनीति बनाई है। इसी के तहत प्रदेश अध्यक्ष राम अचल राजभर के साथ ही विधानमंडल दल के अध्यक्ष लालजी वर्मा को भी धरने में शामिल होने का निर्देश मिला है। मंडल के सभी जिलों के पार्टी नेता और विधानसभा प्रत्याशी रह चुके नेता भी इसमें शामिल हो सकते हैं।