फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

बीएसए दफ्तर पर एसटीएफ का छापा

विज्ञापन
विज्ञापन
बीएसए दफ्तर पर एसटीएफ का छापा
विज्ञापन

गोरखपुर। प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और अनुदानित उच्च प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों की नियुक्ति में फर्जीवाड़े की जांच कर रही एसटीएफ की गोरखपुर इकाई ने सोमवार को जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दफ्तर पर छापा मारा। इस दौरान बीएसए बीएन सिंह और बाबू अजय सिंह से पूछताछ भी की। एसटीएफ ने जेल भेजे गए पूर्व माध्यमिक विद्यालय पौहरिया राव बड़हलगंज के फर्जी शिक्षक मुक्तिनाथ से संबंधित विस्तृत जानकारी तलब की है। साथ ही फर्जी शिक्षकों की एक सूची देकर उनके शैक्षिक प्रमाण पत्र व दस्तावेज मांगे हैं। सारी जानकारी एक सप्ताह के भीतर देनी है।
गोरखपुर-बस्ती मंडल के सात जिलों की शिक्षकों की नियुक्ति प्रक्रिया में बड़ी धांधली गई है। इसकी जांच एसटीएफ की गोरखपुर इकाई कर रही है। इंस्पेक्टर सत्यप्रकाश सिंह की अगुवाई में एक जांच टीम सोमवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी गोरखपुर के दफ्तर पहुंची। इससे हड़कंप मच गया। टीम ने सबसे पहले शिक्षकों की नियुक्ति के सत्यापन का काम देख रहे बाबू से पूछताछ की, फिर बीएसए से जानकारी ली। एसटीएफ ने पूछा कि मुक्तिनाथ के शैक्षिक दस्तावेज पर संदेह था तो बर्खास्तगी क्यों नहीं की गई? बीए, बीएड की मार्कशीट के सत्यापन भी हीलाहवाली हुई। मनाही के बाद वेतन जारी किया गया। इस प्रकरण से संबंधित अफसर, कर्मचारी की जानकारी एसटीएफ ने मांगी है। साथ ही 2009 से 2016 के बीच नियुक्ति पाने वाले कुछ और शिक्षकों के शैक्षिक दस्तावेज पर सवाल खड़े किए। पूरी सूची दी और जानकारी मांगी है। एसटीएफ ने सिद्धार्थनगर में शिक्षकों की नियुक्ति में फर्जीवाड़े से संबंधित कुछ सवाल भी दागे हैं। इससे अफसर, बाबू असहज भी दिखे। एसटीएफ की पूछताछ में एक बाबू रोने लगा और कहा कि जांच एजेंसी को सारी जानकारी दी जाएगी।
विज्ञापन

पति-पत्नी की नियुक्ति पर संदेह
बड़हलगंज के प्राथमिक विद्यालय महुलिया पोयल में तैनात आभा राय और पूर्व माध्यमिक विद्यालय महुलिया में नियुक्त कृष्णानंद राय की नियुक्ति भी संदेह के घेरे में है। दोनों पति-पत्नी हैं। एसटीएफ ने इन शिक्षकों के शैक्षिक प्रमाण पत्र मांगें हैं। फर्जीवाड़ा करके नौकरी पाने वाले कुछ शिक्षकों की सूची जिला बेसिक शिक्षाधिकारी को दी गई है।
कक्षा आठ पास, फिर भी शिक्षक
सिद्धार्थनगर से गिरफ्तार करके जेल भेजे गए गोविंदलाल गुप्ता कक्षा आठ पास थे, फिर भी फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्र व दस्तावेज लगाकर शिक्षक बन गए। यह मामला एसटीएफ की जांच से खुला है। एसटीएफ की माने तो इस तरह के और भी मामले सामने आ सकते हैं। नियुक्तियों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा किया गया है।
आग न लगने पाए महोदय
दफ्तर पहुंची एसटीएफ की टीम ने बीएसए बीएन सिंह को आगाह किया। टीम ने कहा कि शिक्षकों की नियुक्ति से संबंधित सारे दस्तावेजों की जरूरत होगी। इसे नष्ट करने की कोशिश हो सकती है। आपके दफ्तर में आग भी लग सकती है। ऐसा न, इसका खास ख्याल रखा जाना चाहिए।
विज्ञापन

देवरिया के बाबुओं पर भी कसेगा शिकंजा
शिक्षकों की नियुक्ति में फर्जीवाड़ा करने वाले देवरिया बीएसए दफ्तर के दो बाबुओं पर भी एसटीएफ का शिकंजा कसेगा। इन बाबुओं से जल्द ही पूछताछ होगी। एसटीएफ पूरे मामले की जांच गंभीरता से कर रही है। पहले साक्ष्य जुटा रही है, फिर आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेज रही है। अब तक कई शिक्षक जेल भेजे जा चुके हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें