नगर निगम में सफाई कर्मी के लिए आवेदन करने वालों की भीड़ को देखते हुए हेड पोस्ट ऑफिस में इन दिनों दलाल सक्रिय हो गए हैं, जो अपनी मनमर्जी के मुताबिक सुविधा शुल्क लेकर फॉर्म जमा कराने का ठेका ले रहे हैं।
हेड पोस्ट ऑफिस में टिकट खरीदने, स्पीड पोस्ट व रजिस्ट्री की बुकिंग के लिए आठ काउंटर बनाने के बावजूद भी आवेदकों की कतार मेन गेट तक पहुंच जा रही है। डाक घर खिड़कियों पर धक्का-मुक्की, कर्मचारियों से नोकझोंक आम हो गई है। इसका फायदा उठाने के लिए डाक घर में दलाल भी सक्रिय हो गए हैं। इनमे महिलाएं और पुरुष दोनों हैं, जो 50 से 150 रुपये प्रति आवेदन पत्र लेकर बैक डोर से स्पीड पोस्ट व रजिस्ट्री की बुकिंग करा रहे हैं। इनमे डाक विभाग के भी कुछ कर्मचारी शामिल हैं।
सोमवार को पोस्ट मास्टर ने एक शख्स को 50-60 लिफाफे के साथ पकड़ लिया। उसने स्टाफ का हवाला दिया कि विभाग के ही कुछ पहचान वाले हैं, उनका लिफाफा है। इस पर पोस्ट मास्टर ने उसे समझा-बुझाकर छोड़ दिया। इसी तरह तीन दिन पहले एक महिला को भी डाक टिकट की बिक्री करते हुए पकड़ा गया था। यही नहीं सुविधा शुल्क लेकर फॉर्म की बुकिंग कराने के लिए भी कई महिलाएं सक्रिय हैं, जो काउंटर के इर्द-गिर्द रहती हैं और सुविधा शुल्क मिलने पर कतार में लगकर बुकिंग कराती हैं।
काउंटर से कोई भी टिकट खरीद सकता है और स्पीड पोस्ट व रजिस्ट्री की बुकिंग करा सकता है। इसके बाद भी अगर कोई बाहरी व्यक्ति से फॉर्म जमा करा रहा है तो किसी क्षति की स्थिति में उसका जिम्मेदार वह खुद होगा। विभाग का कोई कर्मी अगर इसमें लिप्त पाया जाएगा तो उस पर कार्रवाई होगी।
- डीबी त्रिपाठी, प्रवर अधीक्षक डाक, गोरखपुर
कम पड़े डाक टिकट, 57 लाख की डिमांड भेजी
डाक विभाग के पास इन दिनों डाक टिकट कम पड़ गए हैं। विभाग ने करीब 57 लाख रुपये के डाक टिकट और मंगाए हैं। दरअसल नगर निगम की सीधी भर्ती परीक्षा के लिए हो रही आवेदकों की भीड़ के चलते ये नौबत आई है। प्रतिदिन करीब 6 से 8 लाख रुपये के डाक टिकट की बिक्री पूरे जिले में हो रही है। अभी तक सात हजार से अधिक लोग आवेदन कर चुके हैं। आगे कोई दिक्कत न आए, इसे देखते हुए विभाग ने 40 और 17 लाख के दो इंडेक्स भेजकर टिकट की मांग की है। प्रवर अधीक्षक डाक डीबी त्रिपाठी ने बताया कि अभी विभाग के पास पर्याप्त डाक टिकट हैं। एहतियात के तौर पर डिमांड भेजी गई है, जिससे आवेदकों को टिकट के संकट से जूझना न पड़े।