गोरखपुर के रास्ते नई दिल्ली से अगरतला (त्रिपुरा) तक राजधानी एक्सप्रेस चलाने के प्रस्ताव में बदलाव के संकेत हैं। औसत स्पीड और समयबद्धता का हवाला देकर प्रस्तावित ट्रेन को वाया गोरखपुर की बजाय इलाहाबाद-मुगलसराय के रास्ते चलाने पर विचार शुरू हो गया है। अगर ऐसा हुआ तो गोरखपुर के लोगों को बड़ा झटका लगेगा।
गोरखपुर को राजधानी एक्सप्रेस की सुविधा मुहैया कराने की मांग लंबे समय से चल रही है। मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने सांसद रहते गोरखपुर में रेल सेवाओं के विस्तार के कई प्रस्तावों को अंतिम रूप दिलाया था। राजधानी एक्सप्रेस की मांग को भी उनका समर्थन था। काफी जद्दोजहद के बाद पिछले दिनों रेलवे बोर्ड ने नई दिल्ली-अगरतला के बीच गोरखपुर के रास्ते सप्ताह में एक दिन राजधानी एक्सप्रेस चलाने को हरी झंडी दी थी। योजना थी कि जल्द से जल्द तैयारी पूरी करके गोरखपुर को दिवाली के तोहफे के रूप में राजधानी एक्सप्रेस की सुविधा दी जाए। रेल प्रशासन ने भी इसके लिए शेड्यूल तैयार करके रेलवे बोर्ड भेज दिया था।
विभागीय सूत्रों की मानें तो 11 अक्टूबर को दिल्ली में रेलवे बोर्ड की मीटिंग के दौरान नई दिल्ली-अगरतला राजधानी एक्सप्रेस को वाया गोरखपुर चलाने के प्रस्ताव को अंतिम मंजूरी नहीं मिल सकी। राजधानी एक्सप्रेस के लिए जरूरी स्पीड के औसत से समयबद्धता बनाए रखने का हवाला देकर इस ट्रेन को वाया कानपुर-इलाहाबाद-मुगलसराय-पाटिलपुत्र-बरौनी के रास्ते अगरतला तक चलाने पर विचार शुरू हो गया है। बताते हैं कि रेलवे बोर्ड के अफसरों ने इस बदलाव के लिहाज से शेड्यूल तैयार करने के निर्देश भी अधीनस्थों को दिए हैं।
16 स्टॉपेज का बना था प्लान
गोरखपुर के रास्ते राजधानी एक्सप्रेस चलाने के लिए नई दिल्ली से अगरतला तक 16 स्टेशनों पर स्टॉपेज का प्लान बनाया गया था। इसमें एनईआर के दो स्टेशन गोरखपुर और छपरा शामिल थे। इस ट्रेन को नई दिल्ली से सुबह 10.25 बजे और अगरतला से दोपहर 2.00 बजे चलाने का शेड्यूल तैयार किया गया था।
19 कोच की होगी रैक
प्रस्तावित राजधानी एक्सप्रेस में कुल 19 कोच लगाए जाएंगे। इसमें एसी फर्स्ट क्लास का एक, एसी सेकेंड के चार, एसी थ्री के 10 कोच होंगे, जबकि दो पेंट्रीकार के अलावा पॉवर कार सह गार्ड्स वैन के दो कोच शामिल रहेंगे।