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गर्मी में वकीलों के लिए काला कोट जरूरी नहीं

Sat, 18 Jun 2016 12:39 AM IST
अनुपम सिंह, अमर उजाला, गोरखपुर।
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गर्मी से परेशान अधिवक्ता। - फोटो : shivharsh
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गर्मी में वकील अब काले कोट की जगह सफेद शर्ट, काली या सफेद धारीदार पैंट और काली टाई या बैंड में नजर आएंगे। वकीलों के ड्रेस संबंधी नियमों में बदलाव के बाद हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के अलावा किसी भी अन्य न्यायालय या अधिकारी के समक्ष वकालत में गर्मियों में काला कोट पहनना जरूरी नहीं होगा।
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आरटीआई कार्यकर्ता एवं वरिष्ठ अधिवक्ता नदीम उद्दीन द्वारा मांगी गई सूचना पर बार कौंसिल ऑफ  इंडिया के लोक सूचना अधिकारी/सहायक सचिव ने एडवोकेट एक्ट की धारा 49 (1) (जी जी) के अंतर्गत वर्तमान में लागू ड्रेस कोड संबंधी नियमों की प्रति उपलब्ध कराई है। अधिवक्ता नदीम ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट के अतिरिक्त अन्य किसी न्यायालय व अधिकारी के समक्ष वकालत में काला कोट पहनना जरूरी नहीं है। वकील इन न्यायालयों के समक्ष केवल सफेद शर्ट, काली, सफेद या धारीदार या ग्रे पैंट तथा काली टाई या बैंड पहनकर भी उपस्थित हो सकते हैं।

नियमों के अनुसार वकीलों की ड्रेस में काला बंद गले का कोट, चपकन, अचकन, काली शेरवानी और सफेद बैैंड, गाउन के साथ शामिल है। इसके अतिरिक्त काला कोट, सफेद शर्ट, सफेद कॉलर, सफेद बैंड भी गाउन के साथ पहना जा सकता है। यह भी स्पष्ट किया गया है कि लंबी ट्राउजर (सफेद, काली, धारीदार, ग्रे) या धोती भी पहनी जा सकती है, लेकिन जींस नहीं।
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ड्रेस नियम में यह भी साफ  किया गया है कि वकील कोर्ट में सफेद बैंड के स्थान पर काली टाई भी पहन सकते हैं। महिला वकील काली पूरी आस्तीन की जैकेट या ब्लाउज, सफेद कॉलर, सफेद बैंड के साथ गाउन भी पहन सकती हैं। इसके अतिरिक्त महिला वकील काले कोट के साथ सफेद या काली साड़ी या लांग स्कर्ट या पंजाबी ड्रेस (चूड़ीदार कुर्ता, सलवार कुर्ता) या पारंपरिक ड्रेस पहन सकती हैं। ड्रेस नियमों के अनुसार वकीलों की गाउन सुप्रीम कोर्ट, हाईकोर्ट में ही पहनना अनिवार्य है अन्य न्यायालयों में यह वैकल्पिक है।

काले कोट में गर्मी तो लगती है, मगर हम वकीलों की अब आदत पड़ चुकी है, क्योंकि यह हमारे ड्रेस कोड में यही शामिल है। गर्मी में अगर काला कोट नहीं पहनना पड़ेगा तो यह हम वकीलों के लिए वाकई राहत वाली बात होगी।
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- मधुसूदन त्रिपाठी, अध्यक्ष, सिविल कोर्ट बार एसोसिएशन
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