भारतीय जनता पार्टी महानगर कार्यसमिति की बैठक में नेताआें ने मेयर पर जमकर निशाना साधा। कहा कि हम भले ही देश भर में कमल खिला रहे हैं, मगर मेयर के कार्यकाल में नगर निगम ने कुछ नहीं किया। ऐसा ही रहा तो आगामी चुनाव में भाजपा प्रत्याशियों को दिक्कत हो सकती है।
शनिवार को महानगर भाजपा कार्यसमिति की बैठक बरगदवां स्थित एक लॉन में हुई। इसमें पंडित दीन दयाल उपाध्याय जन्मशती वर्ष पर आयोजित कार्यक्रमों की जानकारी दी गई। साथ ही नेताओं ने अपने-अपने सुझाव भी दिए। इस बीच राजनीतिक प्रस्ताव रखते हुए शशिकांत सिंह ने नगर निगम के चुनाव में तीन चौथाई बहुमत हासिल करने की बात कही। वरिष्ठ अधिवक्ता एवं भाजपा नेता वीरेंद्र शाही बोलने खड़े हुए तो मामला गरमा गया। उन्होंने अपनी ही मेयर को निशाने पर ले लिया और जमकर हमला बोला। कहा कि योगी आदित्यनाथ के मुख्यमंत्री बनने के बाद प्रदेश के सभी विभागों की कार्य संस्कृति में बदलाव आया। यदि कहीं उसका कोई असर नहीं दिखा तो वह है गोरखपुर का नगर निगम। वह यहीं नहीं रुके और कहा कि स्वच्छता की रैकिंग में नगर निगम बहुत पीछे है। इसके लिए निगम के अधिकारी, कर्मचारी के साथ मेयर भी जिम्मेदार हैं। नगर आयुक्त कोई काम नहीं कर रहे हैं। जिस तरह का घटिया निर्माण महानगर में हो रहा है उसकी मिसाल कहीं और नहीं मिलती है।
बैठक में मेयर सत्या पांडेय, क्षेत्रीय अध्यक्ष उपेंद्र दत्त शुक्ला, विधायक विपिन सिंह, राकेश सिंह पहलवान, अंजू चौधरी, पुष्पदंत जैन, रमेश सिंह, राधेश्याम श्रीवास्तव, ध्रुव नारायण शर्मा, बृजेश त्रिपाठी, विद्यावती भारती, अच्युतानंद शाही, अमृतलाल, रणजीत राय बड़े, विवेक सरकारी, सूर्यप्रकाश शर्मा, मनीष मिश्रा, आदि मौजूद थे।
मेयर ने जताई लाचारी
भाजपा नेताओं के हमले से तिलमिलाई मेयर डॉ. सत्या पांडेय ने खुद को लाचार बताया। कहा कि मैं एक चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी को तो हटा नहीं सकती, ऐसे में व्यवस्था में ज्यादा बदलाव कैसे कर सकती हूं। भाजपा नेता की नाराजगी एक सड़क से संबंधित है। यह सड़क किस तरह से बनी है, इसकी जांच जरूर कराई जाएगी।
‘योगी कर रहे व्यवस्था परिवर्तन की साधना’
भाजपा के पूर्व राष्ट्रीय सचिव विनोद पांडेय ने कहा कि योगी अभी व्यवस्था परिवर्तन के लिए साधना कर रहे हैं, उसमें समय लगेगा। जब सब सुधरेगा तो यहां का नगर निगम भी सुधर जाएगा। इसके लिए अभी इंतजार करना होगा। राहुल श्रीवास्तव ने कहा कि अब हमारी जिम्मेदारी बढ़ गई है। हम सरकार की योजनाओं प्रचार करें।