पूर्व विधायक अतुल सिंह ने सांसद पर एम्स में अड़ंगा डालने का आरोप लगाने वाले चिकित्सा शिक्षा एवं कृषि मंत्री राधेश्याम सिंह को अपने गिरेबान में झांकने की सलाह दी है। कहा कि एम्स महंथ के प्रयास से ही यहां आया है। प्रदेश सरकार यदि जमीन देती तो काम शुरू हो गया होता। केंद्र सरकार ने इसके लिए धन भी रिलीज कर दिया है। चीनी मिलों से घटतौली कराके धन उगाही करने वाले से किसी को नसीहत की जरूरत नहीं।
पत्रकार वार्ता में उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार द्वारा दी गई जमीन पर न्यायालय का स्टे है। इसके बाद भी राधेश्याम सिंह ऐसा बोल रहे हैं, जबकि सच्चाई वह भी जानते हैं। प्रदेश सरकार की कार्यप्रणाली से तंग आकर ही आदित्यनाथ ने फर्टिलाइजर परिसर में एम्स बनवाने के लिए केंद्रीय नेतृत्व से बात की। भाजपा नेता ने कहा कि उनकी कार्यप्रणाली से पूरा कुशीनगर परिचित है।
उधर, भाजपा नेता आदित्य प्रताप सिंह ने भी राधेश्याम सिंह को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि महंत पर उनका बयान साबित करता है कि वह मानसिक रोगी हो गए हैं। पूर्वांचल की जनता भली भांति जानती है कि आदित्यनाथ के प्रयास से ही एम्स गोरखपुर में आया है। दूसरे की संपत्ति हड़पने वाले के मुंह से नैतिकता की बात बेमानी है। उन्होंने राज्य मंत्री पर जमीन कब्जा करने, पशु तस्करों को संरक्षण देने का भी आरोप लगाया।