नगर निगम ने ट्रांसपोर्ट नगर में बैरियर लगाने का काम शुरू कर दिया है। निगम के मुख्य अभियंता सुरेश चंद ने बुधवार को इसका निरीक्षण किया और काम में तेजी लाने के निर्देश दिए। उनके मुताबिक दिसंबर तक यह काम पूरा हो जाएगा। यानी तय समय के भीतर अगर बैरिकेडिंग का काम पूरा हो जाता है तो नए साल में ट्रांसपोर्ट नगर में बड़ी गाड़ियां नहीं खड़ी हो सकेंगी।
करीब छह साल पहले तत्कालीन कमिश्नर पीके महांति ने ट्रांसपोर्ट नगर को गीडा में शिफ्ट करने का निर्देश दिया था। कई ट्रक आपरेटरों और दुकान मालिकों पर इसे लेकर कार्रवाई भी हुई मगर अभी तक पूरी तरह ट्रांसपोर्ट नगर गीडा में नहीं शिफ्ट हो सका। इस बीच में कई कमिश्नर, डीएम और पुलिस के अफसरों ने भी ट्रांसपोर्ट नगर को गीडा में शिफ्ट करने की कवायद की मगर सफलता नहीं मिली। कुछ ट्रक आपरेटर इस फैसले के समर्थन में हैं तो कुछ इसके खिलाफ। कई ट्रांसपोर्टरों की यह भी शिकायत है कि गीडा में बने ट्रांसपोर्ट नगर में जरूरत के मुताबिक सुविधाएं नहीं है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि जो भी खामियां थी उन्हें दूर किया जा चुका है।
बार-बार के निर्देश का भी असर नहीं होता देख एसएसपी और नगर निगम ने तय किया कि वहां बैरिकेडिंग कर दी जाए ताकि कोई बड़ी गाड़ियां लेकर वहां प्रवेश ही नहीं कर सके। निगम के मुख्य अभियंता ने बताया कि ट्रांसपोर्ट नगर पुलिस चौकी के पास से बांयी ओर ट्रांसपोर्टनगर की तरफ जाने वाले रास्ते पर फोल्डिंग बैरियर लगाया जाएगा। इसी तरह ट्रांसपोर्टनगर से मुंशी प्रेम चंद पार्क की तरफ आने वाले रास्ते पर फिक्स बैरियर तरफ ट्रांसपोर्टनगर से पुल की तरफ हाईवे पर निकलने वाले रास्ते पर गर्डर लगाया जाएगा ताकि वहां से सिर्फ छोटी गाड़ी ही गुजर सके।
टेंडर में ओवरराइटिंग की जांच का आदेश
अभी हाल में नगर निगम ने विभिन्न कामों का टेंडर जारी किया था। इस दौरान वार्ड संख्या 40 में करीब साढ़े छह लाख के काम के लिए भी टेंडर डाला गया था, लेकिन ठेकेदार हीरालाल साहनी ने टेंडर की दर में छेड़छाड़ करने का आरोप लगाया है। कहा कि उन्होंने टेंडर में 10 प्रतिशत बिलो लिखा था, लेकिन इसको ओवरराइटिंग करके 2 प्रतिशत कर दिया गया। शिकायत के बाद चीफ इंजीनियर ने एक्सईएन को मामले की जांच का निर्देश दिया है।