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बाबरी मस्जिद पर अदालत का फैसला हमें मंजूर: मुफ्ती अलाउद्दीन मिस्बाही

Mon, 14 Oct 2019 01:01 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपर
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सेमिनार का आयोजन - फोटो : अमर उजाला
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बेदारी-ए-उम्मत फाउंडेशन की ओर से आइडियल मैरेज हाउस उंचवा में रविवार को तहफ्फुज मुल्क व मिल्लत सेमिनार का आयोजन हुआ। सेमिनार में निकाह, तलाक पर लोगों को जागरूक किया गया। एनआरसी पर शिक्षक मो. कलीम अशरफ और भारतीय संविधान में दिए गए मौलिक अधिकारों के प्रति एडवोकेट तौहीद अहमद ने जानकारी दी।

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मुख्य अतिथि अंतरराष्ट्रीय वक्ता मुफ्ती अलाउद्दीन मिस्बाही ने कहा कि हम मुसलमान हिंदुस्तान में पैदा हुए। यह हमारा मुल्क है, मुसलमान आतंकवादी नहीं है और जो आतंकवादी है वह मुसलमान नहीं है। मुल्क की आजादी के लिए हमने और हमारे उलेमाओं ने कुर्बानियां दी हैं। हमें भरोसा है अपने मुल्क के संविधान और अदालत पर। बाबरी मस्जिद मुकदमे पर सुप्रीम कोर्ट का जो भी फैसला होगा, हमें मंजूर है।

उन्होंने सरकार से मांग की कि कश्मीरियों तक राशन, इलाज, दवा, दूध, फल, कपड़ा, ईंधन, अन्य खाद्य सामग्री पहुंचायी जाए। बच्चों की पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था की जाए। हर कश्मीरी हिन्दुस्तानी है, इसलिए उसे मुल्क की मुख्यधारा में शामिल किया जाए।
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घोसी (मऊ) के मौलाना इफ्तेखार नदीम ने वसीम रिजवी, तस्लीमा नसरीन, सलमान रुश्दी, तारिक फतेह को इस्लाम धर्म, पवित्र हस्तियों, मदरसों के खिलाफ गलत प्रचार करने वाला करार दिया। सरकार से मांग की कि वह वसीम रिजवी को इस्लाम की मुकद्दस हस्तियों पर फिल्म बनाने से रोके। इससे मुस्लिम समाज की भावनाएं आहत होंगी।

मौलाना जहांगीर अहमद अजीजी ने मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर चिंता जताते हुए सरकार से इसके खिलाफ कानून बनाने की मांग की। मॉब लिंचिंग से पीड़ित परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी व दस लाख रुपया मुआवजा देने की मांग भी की।

मुफ्ती मो. अजहर शम्सी (नायब काजी) ने पारिवारिक विवाद सुलह समझौता से निपटाए जाने पर जोर दिया ताकि तलाक की नौबत न आए। शादियों में फिजूलखर्ची, दहेज मांगने के रिवाज, बैंड-बाजा, खड़े होकर खाने-पीने से बचने की सलाह दी। अध्यक्षता कर रहे मुफ्ती अख्तर हुसैन मन्नानी ने दीन के साथ ही दुनिया की तालीम हासिल करने पर जोर दिया।

कश्मीरी बच्चों व बिहार बाढ़ पीड़ितों के लिए जुटाया गया चंदा
सेमिनार में बच्चों ने कश्मीरी बच्चों व बिहार बाढ़ पीड़ितों के लिए गुल्लक के जरिए चंदा जुटाया। बच्चों ने कहा कि हर कश्मीरी व बिहारी हमारा भाई है। उनकी मदद करना हमारा कर्तव्य है। बच्चों के इस गुल्लक अभियान में उलेमा व अवाम ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया। सभी ने बच्चों के गुल्लक अभियान की तारीफ की। इस गुल्लक को सोमवार को जिला प्रशासन को सौंपा जाएगा ताकि गुल्लक की राशि जरुरतमंदों तक पहुंच सके।

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